मध्य प्रदेशराज्‍य

लता मंगेशकर जैसी महान विभूति का जन्म इंदौर की धरती पर होना हम सभी के लिए गौरव की बात

By Admin|28 Sep 2026, 11:02 PM
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भोपाल

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वर्चुअली उपस्थिति में आज इंदौर में आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान-2026 से सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक  शान्तनु मोइत्रा को विभूषित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति  एन.पी. नामदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वर्चुअल रुप से संबोधित करते हुए कहा कि भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर के नाम पर स्थापित यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सम्मान के समान है। लता जी जैसी महान कलाकार की जन्मस्थली इंदौर होना पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि आज का यह समारोह जिस महान कलाकार की स्मृति में आयोजित हो रहा है, उनके लिए हम सभी के मन में विशेष श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को देश और दुनिया ने केवल एक गायिका के रूप में नहीं, बल्कि संगीत की एक ऐसी महान विभूति के रूप में स्वीकार किया, जिनके सुरों में जीवन के हर भाव की अभिव्यक्ति मिलती है।

भक्ति से देशभक्ति और प्रेम से विरह तक हर भाव को दिया स्वर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लता जी के गीतों को हम भक्ति में भी गुनगुनाते हैं, देशभक्ति में भी स्मरण करते हैं। दोस्ती, मस्ती, प्रेम और विरह जीवन के हर भाव को उन्होंने अपनी मधुर आवाज से अमर कर दिया। उनके गायन में मां सरस्वती की अद्भुत कृपा दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर जी का नाम लेते ही रोम-रोम में एक अलग तरह का रोमांच और आनंद उत्पन्न होता है। उन्होंने 30 से अधिक भाषाओं और बोलियों में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। शास्त्रीय संगीत से लेकर सुगम संगीत, भक्ति संगीत से लेकर लोक संगीत तक उनके गायन की विविधता अद्भुत रही।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लता जी के सुरों में कभी विचलन नहीं आया और उनके उच्चारण की शुद्धता भी असाधारण रही। ऐसा प्रतीत होता था मानो साक्षात मां सरस्वती हमारे बीच गा रही हों।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सहित राष्ट्रीय पर्वों पर लता जी के देशभक्ति गीत आज भी लोगों की आंखों में देशप्रेम के भाव से आंसू ला देते हैं। गणेश उत्सव हो अथवा नवरात्रि जैसे पर्व, उनके गीतों के बिना देश के उत्सवों की कल्पना अधूरी सी लगती है।

शांतनु मोइत्रा की संगीत साधना को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण से सम्मानित  शांतनु मोइत्रा की संगीत साधना की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें प्रदान करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि शांतनु मोइत्रा ने अपनी संगीत प्रतिभा से देश के संगीत जगत को समृद्ध किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके चर्चित गीतों का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म खेल खेल में का गीत युवाओं में नई ऊर्जा और आशा का संचार करता है। इसी तरह बावरा मन देखने चला एक सपना जैसी रचना ने श्रोताओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि शांतनु मोइत्रा द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव स्तोत्र और राम-सिया भजन भी उन्हें विशेष रूप से पसंद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित किया जाना मध्यप्रदेश सरकार के लिए भी गौरव की बात है। मालवा की धरती सदैव प्रतिभाओं को सम्मान देती रही है और यह आयोजन इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

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मध्यप्रदेश सदैव कला और प्रतिभा की धरती रही है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती महाकवि कालिदास और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान रचनाकारों की परंपरा से समृद्ध रही है। साहित्य, संगीत, कला और फिल्म जगत से भी अनेक महान प्रतिभाओं का संबंध मध्यप्रदेश से रहा है। महाकवि कालिदास की मेघदूत से लेकर आधुनिक रचनाधर्मिता तक मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा अत्यंत समृद्ध रही है।

सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक  शान्तनु मोइत्रा ने कहा कि गीत- संगीत के क्षेत्र में विश्व में अपनी एक विशेष पहचान रखने वाली लता मंगेशकर जी के जन्म दिवस पर, उनकी जन्मस्थली पर, उनके नाम से स्थापित यह सम्मान मिलना बेहद गौरव का पल है। संगीतकार  मोइत्रा ने राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण से सम्मानित किए जाने पर मध्यप्रदेश शासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लता जी के नाम से सम्मानित होना उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने लता जी के साथ स्टूडियो में काम करने का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि चार पंक्तियों के गीत के लिए भी उन्होंने पूरी गंभीरता, तैयारी और समर्पण के साथ काम किया था। उन्होंने कहा कि लता जी से सबसे बड़ी सीख अपने काम के प्रति ईमानदारी, अनुशासन और उत्कृष्टता की है। उन्होंने कहा कि आज भी हर गीत बनाते समय मन में यही भाव आता है कि लता जी इसे गातीं तो वह कैसा होता?।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वर्चुअली उपस्थिति में वर्ष 2026 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुप्रतिष्ठित संगीत निर्देशक  शान्तनु मोइत्रा (मुंबई) को प्रदान किया गया। अलंकरण के पश्चात संगीत संध्या का आयोजन हुआ जिसमें सचेत-परम्परा एवं उनके दल ने एक से बढ़कर एक मधुर गीतों की प्रस्तुतियां दीं और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

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गीत-संगीत के इस महत्वपूर्ण आयोजन में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, संभागायुक्त  भास्कर लाक्षाकार, कलेक्टर  शिवम वर्मा, विधायकगण  रमेश मेंदोला, मती मालिनी गौड़ तथा  मधु वर्मा,  श्रवण सिंह चावड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

 

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