बिहार / झारखण्डराज्‍य

आवासीय कॉलोनियों में कॉमर्शियल गतिविधियों पर शिकंजा, पटना में 27 हजार से ज्यादा संपत्तियों को नोटिस

By Admin|28 Sep 2026, 9:31 PM
f X W

पटना
 आवासीय क्षेत्र में गैर आवासीय गतिविधियों के मामले में राजधानी की 24 आवासीय कॉलोनियां नगर निगम के रडार पर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में यहां सबसे पहले कार्रवाई हो सकती है। मास्टर प्लान 2031 में इन कॉलोनियों के नाम दर्ज हैं।

Advertisement
Advertisement

इनमें बिहार सरकार की 11, केंद्र सरकार की तीन और निजी 10 कॉलोनियां शामिल हैं। बिहार सरकार की कालोनियों राजवंशी नगर, शास्त्री नगर, गर्दनीबाग, श्रीकृष्ण पुरी, पाटलिपुत्र कॉलोनी , कंकड़बाग कॉलोनी , बहादुरपुर कॉलोनी, राजेंद्र नगर कॉलोनी, हनुमान नगर, छज्जूबाग तथा सीडीए कॉलोनी शामिल हैं। इसी प्रकार केंद्र सरकार की कालोनियों में पीएनटी कॉलोनी , राजस्व कॉलोनी तथा आरबीआइ कॉलोनी शामिल हैं।

वहीं निजी कालोनियों में आशियाना नगर, कृषि नगर, पुलिस कॉलोनी, बीएम कॉलोनी, एजी कॉलोनी, राजीव नगर, बुद्धा कॉलोनी, श्रीकृष्ण नगर (आइएएस) कॉलोनी, आनंदपुरी तथा एमएमए फ्लैट कॉलोनी शामिल हैं।

कार्रवाई की तैयारी
बता दें कि आवासीय क्षेत्रों में मकानों और परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले में नगर निगम ने 27,395 संपत्तिधारकों को नोटिस जारी किया है।

संबंधित अंचल कार्यालयों की ओर से नोटिस का तामिला भी कराया जा चुका है। इस मामले में पटना की महापौर सीता साहू को भी नगर निगम की ओर से नोटिस दिया जा चुका है।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ऐसे मामलों और स्थलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी अंचलों को निर्देशित किया गया है। जिन मामलों में स्थिति स्पष्ट है, वहां नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

READ ALSO  बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

इसके अलावा, जिन मामलों या क्षेत्रों में अभी तक निर्धारण नहीं हुआ है, उन सभी बिंदुओं और आदेश के प्रविधानों की विस्तृत समीक्षा (रिव्यू) की जा रही है। समीक्षा के बाद नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

शहर में 47.55 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय
मास्टर प्लान के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र की कुल 104.22 वर्ग किलोमीटर जमीन में सबसे अधिक हिस्सा आवासीय उपयोग में है। शहर की 49.56 वर्ग किलोमीटर जमीन आवासीय है, जो कुल क्षेत्रफल का 47.55 प्रतिशत है। इसके बाद 18.40 वर्ग किलोमीटर (17.66 प्रतिशत) जमीन खाली या कृषि उपयोग में है।

10.61 वर्ग किलोमीटर (10.18 प्रतिशत) जमीन सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक उपयोग में है। परिवहन और सड़क के लिए 6.15 वर्ग किलोमीटर (5.90 प्रतिशत), व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 4.65 वर्ग किलोमीटर (4.46 प्रतिशत) और मिश्रित उपयोग के लिए 3.52 वर्ग किलोमीटर (3.37 प्रतिशत) जमीन है।

वहीं, औद्योगिक उपयोग में 1.09 वर्ग किलोमीटर, हवाई अड्डे के लिए 1.10 वर्ग किलोमीटर और रेलवे के लिए 0.73 वर्ग किलोमीटर जमीन है।

नदी/बांध स्थल के हिस्से में 3.49 वर्ग किलोमीटर और जलाशय के लिए 1.06 वर्ग किलोमीटर जमीन दर्ज है। वन क्षेत्र 0.67 वर्ग किलोमीटर है। नक्शे में सभी क्षेत्रों को दर्शाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
– जिन इलाकों को स्पष्ट रूप से आवासीय घोषित किया गया है और जहां सरकार ने केवल आवासीय उपयोग की अनुमति दी है, वहां व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो सकती।
– आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि पाए जाने पर संबंधित परिसर को पहले चरण में सील किया जाएगा।
– जिन इलाकों में यह स्पष्ट नहीं है कि जमीन/भवन का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, वहां फिलहाल मौजूदा स्थिति में बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि कागजी कार्रवाई जारी रह सकती है।
– जमीन या भवन के स्वामित्व अथवा किसी अन्य विवाद का मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद, यदि उसका इस्तेमाल स्वीकृत उद्देश्य के खिलाफ हो रहा है, तो प्राधिकरण परिसर को सील कर सकते हैं।
– यदि कोई निर्माण बिना किसी अनुमति के पूरी तरह अनधिकृत पाया जाता है, तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।

READ ALSO  आंगनबाड़ी केंद्र बने उत्सव स्थल, ‘आंगन मिलन सेवा’ में पहले दिन 97 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी

पांच सदस्यीय समिति पर टिकीं निगाहें
25 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय इस्तेमाल के मामलों के समाधान के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समिति के अध्यक्ष हैं। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश कुमार मिश्र सदस्य सचिव, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह सदस्य हैं। समिति मामले का अध्ययन कर व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान सुझाएगी। लोगों की निगाहें समिति पर टिकी हैं।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins