मध्य प्रदेश

सतना IAS ऑफिसर का आदेश: स्वास्थ्य के लिए लोहे की कड़ाही में पकाएं खाना, एल्युमिनियम बर्तन न इस्तेमाल

By Admin|05 Dec 2025, 9:23 AM
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सतना 
 सतना जिले के IAS अधिकारी व जिला पंचायत सीईओ ने मिड-डे मील लोहे के बर्तन में बनाने का फरमान जारी किया है. इसके पीछे तर्क दिया है कि लोहे की कड़ाही में साग-सब्जी या अन्य सामग्री पकाने से बच्चों में एनीमिया की आशंका कम हो जाएगी. जिले के स्व सहायता समूहों के बीच इस आदेश की चर्चा जोरों पर है. लोहे के बर्तन में खाना पकाने से क्या लाभ हैं आइए जानते हैं.

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सतना जिला पंचायत सीईओ ने दिया आदेश

जिला पंचायत सीईओ मझगवा महिपाल सिंह गुर्जर ने स्व सहायता समूह को खाना पकाने के लिए बर्तन बदलने के निर्देश दिए हैं. वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले बर्तन एलुमिनियम को दरकिनार करने की सलाह दी गई है. मामले के अनुसार मझगवा ब्लॉक में में स्व सहायता समूह की महिलाओं को मिड-डे मील बनाने के बर्तन बदलने के लिए पत्र जारी हुआ है.

पत्र में लिखा "ग्राम पंचायतो में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत महिला स्व सहायता समूह मिड-डे मील का संचालन स्कूलों में किया जा रहा है. देखने में आया है कि आपके द्वारा एल्मूनियम की कड़ाही में सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थ पकाये जाते हैं."

WHO ने भी माना- लोहे के बर्तन का लोहा

पत्र में उल्लेख किया गया है "विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) ने लोहे के बर्तनों के उपयोग को आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को कम करने की सलाह दी है. अतः आप समस्त को निर्देर्शित किया जाता है कि एल्मूनियम या जर्मन एल्मूनियम की कड़ाही की जगह अनिवार्यतः लोहे की कड़ाही में साग, भाजी अन्य खाद्य पदार्थ बनाना सुनिश्चित करें, जिससे कि आयरन तत्व की आपूर्ति हो सके."

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शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रखते हैं लोहे के बर्तन

आपको ये समझना जरूरी है कि आयरन इंसान के शरीर के लिए बहुत आवश्यक मिनरल है. आयरन ही फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करता है. आयरन से हीमोग्लोबिन भी बनता है. इसलिए पहले के लोग शरीर में आयरन के स्तर बनाए रखने के लिए लोहे के बर्तनों में सब्जी वगैरह बनाते थे. क्योंकि ऐसा करने से शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, खून की कमी दूर होती है. एक तथ्य ये भी है कि थकान, कमजोरी और शरीर में दर्द आयरन की कमी से ही होता है.

लोहे की कड़ाही का खाना देर तक रहता गर्म

शरीर में आयरन की कमी होने के कारण ही लोग डॉक्टर की सलाह पर विभिन्न प्रकार के सप्लीमेंट्स लेते हैं. लेकिन अगर सप्लीमेंट्स की जगह लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल किया जाए तो आयरन की कमी पूरी हो सकती है. इसके अलावा अगर आप लोहे की कड़ाही में खाना पकाएंगे, तो खाना लंबे समय तक गर्म रहेगा. भोपाल की 60 साल की गृहिणी जानकी बताती हैं "वह तो हमेशा से ही लोहे की कड़ाही में सब्जी पकाती हैं. उनकी सास की ये सीख आज भी वह अमल में ला रही हैं."

क्या कहते हैं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ

भोपाल के नर्मदा अस्पताल की सीनियर डायटीशियन डॉ.अमिता सिंह ने बताया "आयरन के बर्तन में बना नियमित खाना खाने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो सकती है, लेकिन यह तभी कारगर होगा, जब इस खाने में खटाई यानि विटामिन सी भी मिलाया जाए. आयरन के बर्तन में पका हुआ खाना खाने से केवल उन लोगों में ही आयरन की मात्रा इंप्रूव होगी, जिन्हें मामूली आयरन की जरूरत है. लेकिन यदि किसी को सीवियर एनीमिया है, तो फिर उसे डॉक्टर से सलाह लेनी की जरूरत है." 

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