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जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

By Admin|22 Sep 2026, 4:31 PM
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पटना
 जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी की घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।

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अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, घटना से जुड़े दो दर्जन से अधिक वीडियो फेसबुक और एक्स से टेकडाउन कराए गए हैं।

नाबालिग की पहचान उजागर करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

बिहार पुल‍िस ने आमजन से की अपील
पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों, अकाउंट, पेज और वेबसाइट की पहचान कर रही है, जिन्होंने नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित की है।

बिहार पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को साझा या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी सूचना संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।

ऐसे में सवाल है कि यदि किसी नाबालिग से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

वीडियो वायरल हो तो सबसे पहले क्या करें?
किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने पर उसे आगे शेयर, रीपोस्ट या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करना चाहिए। इससे वीडियो का प्रसार और बढ़ सकता है।

यदि किसी अकाउंट से ऐसी सामग्री पोस्ट की गई है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट विकल्प से उसकी शिकायत की जा सकती है। जरूरत होने पर पुलिस या साइबर सेल को भी सूचना दें।

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पीड़िता की पहचान उजागर न करें
नाबालिग का नाम, चेहरा, पता, स्कूल, परिवार, मोहल्ला या ऐसी कोई अन्य जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।

POCSO की धारा 23 के तहत मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने पर रोक है। इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या पहचान सामने लाने वाली अन्य जानकारी शामिल है।

आपात स्थिति में 112 पर करें कॉल
यदि किसी महिला या बच्चे को तत्काल खतरा है या घटना उसी समय हो रही है तो 112 पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

जरूरी हेल्पलाइन:
112 — आपातकालीन पुलिस सहायता
181 — महिला हेल्पलाइन
1098 — चाइल्ड प्रोटेक्शन हेल्पलाइन
1930 — साइबर क्राइम हेल्पलाइन

यदि किसी नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है तो इसकी शिकायत साइबर अपराध तंत्र को की जा सकती है।

बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।

शिकायत करते समय वीडियो को दोबारा सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने के बजाय संबंधित अकाउंट या पोस्ट की जानकारी पुलिस को देना उचित है।

घटना होने पर तुरंत क्या करें?

  • यदि छेड़खानी या किसी अन्य तरह की बदसलूकी की घटना हो रही है तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें। आसपास मौजूद भरोसेमंद लोगों से मदद लें और आवश्यकता होने पर पुलिस को सूचना दें।
  • किसी तरह की बदसलूकी होने पर घटना को छिपाने के बजाय माता-पिता, अभिभावक या किसी भरोसेमंद वयस्क को तुरंत जानकारी दें। बच्चे को अकेले स्थिति संभालने के लिए मजबूर न करें।
  • घटना की सूचना जल्द देने से पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित डिजिटल सामग्री की जांच करने में मदद मिल सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जानकारी भी पुलिस को दी जा सकती है।
  • किसी संज्ञेय अपराध की स्थिति में क्षेत्राधिकार को लेकर तत्काल सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़िता या उसके अभिभावक पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर पुलिस से जीरो एफआईआर की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
  • अपने स्मार्टफोन में सुरक्षा ऐप्स (जैसे 112 India App) इंस्टॉल रखें, जिसमें पैनिक बटन (Panic Button) की सुविधा होती है।
  • देर शाम या रात के समय अपरिचित या कम रोशनी वाले रास्तों (जैसे पहाड़ियों के पास, सुनसान हाईवे या खाली मैदानों) पर अकेले जाने से बचें।
  • चलते समय हमेशा सतर्क और आत्मविश्वासी दिखें। आस-पास के माहौल पर नज़र रखें ।
  • अपने बैग में सुरक्षा के लिहाज से पेपर स्प्रे (Pepper Spray) या चाबी का गुच्छा जैसी चीजें रखें, जिनका उपयोग आत्मरक्षा में किया जा सके।
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सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वालों पर कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता का चेहरा दिखाने अथवा उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर कानूनी मामला है। पुलिस ऐसे अकाउंट संचालकों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

 

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