छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 40454 आवास निर्माण की मिली स्वीकृति

By kadwaghut|07 Jan 2026, 8:15 PM
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– जिले में 23294 आवास पूर्ण एवं 14099 आवास निर्माणाधीन

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राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास विहिन एवं कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास बनाने के लिए पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 20 हजार रूपए एवं मनरेगा योजना से 90 मानव दिवस मजदूरी की सहायता दी जाती है। शासन द्वारा जिले में विगत दो वर्ष में 40454 आवास निर्माण की स्वीकृति मिली। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 30766 आवास स्वीकृत किए गए है। जिनमें से 23294 (75.71 प्रतिशत) आवास पूर्ण कर लिया गया है तथा 7472 आवास प्रगतिरत है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9688 आवास स्वीकृत किये गये है। जिसमें से 7026 हितग्राहियों को प्रथम किश्त प्रदाय किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में स्वीकृत हितग्राहियों के आवासों का समय-समय पर भूमि पूजन तथा पूर्ण हुए आवासों का हितग्राहियों के उपस्थिति में गृह प्रवेश कार्यक्रमों का आयोजन कर गृह प्रवेश कराया जा रहा है। जिले में नवाचार द्वारा एक दिवसीय अभियान का आयोजन करते हुए स्वीकृत हितग्राहियों को अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने, निर्माणाधीन आवास को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हितग्राहियों के स्वीकृत आवासों में रेन हार्वेस्टिंग के तहत सोख्ता गड्ढा का निर्माण तथा उत्कृष्ट आवास के हितग्राही एवं कम समय में आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को जिला एवं विकासखंड स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। हितग्राहियों के जीवन स्तर में वृद्धि हेतु कुशल श्रमिक के रूप में दक्ष करने हेतु ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र बरगा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से किसानों की बदली किस्मत

– 1900 मछुवारों को दिया गया प्रशिक्षण
– जिले में मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण
– मत्स्य बीज उत्पादन में जिला होगा आत्मनिर्भर
–  जिले के खदान एवं जलाशय में 21 इकाई केज लगाकर मत्स्यपालन का किया जा रहा कार्य
– मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 3 प्रक्षेत्र एवं किसानों के निजी भूमि में 148 हेक्टेयर में 590.166 लाख रूपए की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखर किए गए निर्मित

राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से जिले में मत्स्य क्रान्ति की नींव रखी गई है। इस योजना से किसानों एवं मछुवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आधुनिक तकनीकों केज कल्चर, पॉण्ड बायोफ्लॉक एवं तालाब निर्माण को बढ़ावा देकर मत्स्योत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है। मछुवा परिवारों को आदान सामग्री मछली बीज, जाल, आइस बॉक्स, मोटर सायकल, पिकअप वाहन सुविधाएं प्रदान की गई है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना अन्तर्गत मछुवारों को सस्ती एवं सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराया जा रही है। मछली पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी के लिए 1900 मछुवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिले में मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण, जिससे मत्स्य बीज उत्पादन में जिला आत्मनिर्भर होगा। जिले में मछली बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि एवं मत्स्योत्पादन में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिले के खदान एवं जलाशय में 21 इकाई केज लगाकर मत्स्यपालन का कार्य किया जा रहा है। मत्स्य बीज उत्पादन हेतु 3 प्रक्षेत्र एवं किसानों के निजी भूमि में 148 हेक्टेयर में 590.166 लाख रूपए की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखर निर्मित किए गए। जिससे जिले में कुल 2500 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए है। 11471 मछुवा हितग्राहियों को नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, 1900 हितग्राहियों को प्रशिक्षण एवं 450 हितग्राहियों को मछली जाल, ऑइस बॉक्स, मछली बीज प्रदाय किया गया है। इस प्रकार पिछले 2 वर्षों में जिले में मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर बदली है और किसानों की आय, रोजगार एवं मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई।

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