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भारत की संस्कृति का मूल मंत्र “वसुधैव कुटुंबकम्”, दुनिया को परिवार मानने की परंपरा

By Admin|23 May 2026, 10:51 PM
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भोपाल

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उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, पारदर्शिता एवं सुशासन के सशक्त स्तंभ हैं। भारतीय परम्परा में अर्थव्यवस्था का चिंतन केवल लाभ और उपभोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह नैतिकता, लोककल्याण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित एक व्यापक दार्शनिक दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है। “शुभ-लाभ” भारतीय अर्थचिंतन का मूल दर्शन है, जिसमें कमाई ईमानदारी, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा से हो तथा उसका उपयोग समाजोपयोगी कार्यों एवं लोककल्याण के लिए किया जाए। मंत्री  परमार शनिवार को, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण “वसुधैव कुटुम्बकम्” का है, जहाँ दुनिया केवल बाजार नहीं, बल्कि आत्मीयता, सहअस्तित्व और मानवता से जुड़ा एक परिवार है। भारत की यही सांस्कृतिक चेतना, हमें विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनने की संकल्पना को साकार करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने नव-योग्य सीए विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, क्षमता एवं कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज, राष्ट्र एवं मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।

मंत्री  परमार ने युवाओं से जीवन को समाजोपयोगी बनाते हुए राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे युवा पेशेवरों की आवश्यकता है, जो नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएँ। मंत्री  परमार ने सभी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य सीए अभय छाजेड़ ने भी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, प्रोफेशन में उपलब्ध नई संभावनाओं तथा बदलते समय के साथ निरंतर सीखते रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रोफेशन में उत्कृष्टता प्राप्त करने एवं ICAI की गरिमा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

दीक्षांत समारोह में भोपाल शाखा के लगभग 80 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने अभिभावकों के साथ सहभागिता कर उपाधि एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। इस अवसर पर भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए आदित्य वास्तव, सचिव सीए अभिषेक जैन, पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सचिव, वरिष्ठ सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में देशभर के 10 हजार 390 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने एक साथ सहभागिता की। यह समारोह केंद्रीय स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें देश की विभिन्न शाखाओं ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। भोपाल शाखा को पहली बार इस गौरवपूर्ण आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ।

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