CG : जिला पंचायत गरियाबंद में जेंडर संवेदीकरण एवं पोषण अभियान पर कार्यशाला आयोजित
महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार एवं साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी
संतुलित आहार और बेहतर पोषण के प्रति किया गया जागरूक
गरियाबंद, जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत जेंडर संवेदीकरण एवं पोषण अभियान के तहत जागरूकता कार्यशाला का आयोजित की गई। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में महिलाओं एवं समुदाय में लैंगिक समानता, महिला अधिकार, सम्मानजनक व्यवहार, सुरक्षा तथा बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया गया। डीपीएम, जिला पंचायत गरियाबंद द्वारा जेंडर रिसोर्स सेंटर के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों, उनके निराकरण एवं लंबित मामलों की समीक्षा की गई।
जिले के सभी विकासखंडों से उपस्थित जेंडर मास्टर ट्रेनर्स के साथ प्रकरणवार चर्चा कर लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों से समन्वय कर प्रकरणों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण करने कहा गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 एवं 112 की जानकारी दी गई। जेंडर आधारित हिंसा और आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।
इस दौरान 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराधों से बचाव एवं साइबर जागरूकता के संबंध में जानकारी देते हुए शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। साथ ही सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में की जाने वाली आवश्यक प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते हुए महिलाओं एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार अपनाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, एनआरएलएम से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण समुदाय में लैंगिक समानता, महिला अधिकार, सुरक्षा एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसकी जानकारी परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।




