राजस्थानराज्‍य

पंचायत चुनाव से पहले साइबर फ्रॉड का खुलासा, AI से तैयार फर्जी पत्र ने मचाया भ्रम

By Admin|16 Sep 2026, 3:31 PM
f X W

जयपुर
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर चुनावी माहौल गर्माया हुआ है, लेकिन इस बीच एक गंभीर और सनसनीखेज साइबर जालसाजी का मामला भी सामने आया है। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग का एक ऐसा आधिकारिक दिखने वाला पत्र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों, सरपंचों और वार्ड पंचों की आरक्षण लॉटरी अब 11 और 13 अक्टूबर 2026 को निकाली जाएगी। इस वायरल लेटर ने राज्य के लाखों ग्रामीण मतदाताओं, सरपंच पद के दावेदारों और प्रशासनिक हलकों में भारी भ्रम फैला दिया है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह (IAS) और पंचायती राज विभाग ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए इस पत्र को पूरी तरह फर्जी और एआई तकनीक से तैयार किया गया साइबर फ्रॉड करार दिया है। विभाग ने साफ किया है कि अभी आरक्षण लॉटरी की कोई भी नई तारीख तय नहीं की गई है और आम जनता को ऐसे किसी भी असत्यापित पत्र पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

Advertisement
Advertisement

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की पत्र के 'फ़र्ज़ी' होने की पुष्टि
जानकारी में सामने आया है कि चुनावी मौसम का फायदा उठाकर किसी असामाजिक तत्व द्वारा एआई टूल्स का गलत इस्तेमाल करके तैयार किए गए इस फर्जी पत्र में बाकायदा शासन सचिव डॉ. जोगा राम के नाम और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया है। पत्र में सरकारी पत्रांक संख्या 24 (30) परावि/विधि/आरक्षण/2026/79 और दिनांक 15/09/2026 अंकित करके इसे सभी जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को संबोधित दिखाया गया है।

READ ALSO  विदेश में चमकी भोपाल की बेटी, अरीबा जुनैद ने जीता ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड; बढ़ाया देश का मान

सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप ग्रुपों, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) पर जैसे ही यह आदेश वायरल हुआ, ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे स्थानीय नेताओं के बीच होड़ मच गई। लेकिन जब इस पत्राचार की सत्यता की जांच की गई, तो विभाग के रिकॉर्ड में ऐसा कोई आदेश जारी होने की बात पूरी तरह नकार दी गई।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, "यह पत्र पूरी तरह फर्जी है। पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं की लॉटरी की नई तिथियां अभी निर्धारित नहीं की गई हैं। जल्द ही आधिकारिक बैठक के बाद सही तिथियों का ऐलान किया जाएगा।"

वायरल फर्जी पत्र : गुमराह करने वाले दावे
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फर्जी सरकारी लेटर में हाई कोर्ट के पुराने आदेशों और नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देकर लोगों को चकमा देने की कोशिश की गई थी:

11 अक्टूबर का फर्जी दावा: वायरल पत्र में लिखा गया था कि जिला स्तर पर (जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्य) की आरक्षण लॉटरी 11 अक्टूबर 2026 को निकाली जाएगी।

13 अक्टूबर का भ्रामक दावा: उपखंड स्तर पर (सरपंच एवं वार्ड पंच) पदों के लिए आरक्षण लॉटरी 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित करने की बात कही गई थी।

15 नवंबर की डेडलाइन का हवाला: पत्र में यह भी दर्शाया गया था कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य सरकार 15 नवंबर 2026 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संकल्पबद्ध है।

विभागीय प्रतिलिपि की नकल: पत्र के नीचे बाकायदा मुख्य सचिव, महाधिवक्ता और जिला परिषद सीईओ को प्रतिलिपि भेजने का नाटक रचा गया था, ताकि कोई भी इसे पहली नजर में फर्जी न समझ सके।

READ ALSO  गोल्फ कोर्स से झील तक, लखनऊ की इन दो योजनाओं में मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं

AI से तैयार हो रहे फर्जी सरकारी दस्तावेज
राजस्थान में पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके फर्जी सरकारी लेटरहेड, डिजिटल साइन और फर्जी लेटर तैयार करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

गंभीर कानूनी अपराध: किसी सरकारी विभाग के नाम से फर्जी आदेश बनाना और उस पर आईएएस अधिकारी के हस्ताक्षर स्कैन करके लगाना भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत गैर-जमानती अपराध है।

जांच शुरू: राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने वायरल लेटर के ओरिजिनल सोर्स और इसे सबसे पहले शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी: फर्जी पत्र तैयार करने और अफवाह फैलाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ा मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीण दावेदारों में बढ़ा असमंजस
राजस्थान के ग्रामीण अंचल में सरपंच और पंचायत समिति सदस्य बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए आरक्षण लॉटरी बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब तक आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होती, प्रत्याशी अपनी रणनीति नहीं बना पाते।

पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक राज्य निर्वाचन आयोग और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक सोशल मीडिया पर तैर रही किसी भी तारीख पर विश्वास न करें।

गांव-ढाणी के मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे किसी भी असत्यापित पत्र को आगे व्हाट्सएप ग्रुपों में फॉरवर्ड न करें।

READ ALSO  सागर शराब कांड में बड़ा खुलासा, आरोपी की निशानदेही पर खुदाई में मिली 26 पेटी शराब; 1128 जले क्वार्टर जब्त

कब घोषित होंगी पंचायती राज चुनाव की असली तारीखें?
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 और 18 सितंबर 2026 को आरक्षण लॉटरी निकाली जानी थी, जिसे नगरीय निकाय चुनावों की व्यस्तता के चलते फिलहाल स्थगित करने की तैयारी की जा रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग की उच्चस्तरीय बैठक के बाद बहुत जल्द आरक्षण लॉटरी की आधिकारिक और नई समय-सारिणी जारी की जाएगी। आयोग का लक्ष्य है कि पारदर्शी तरीके से आरक्षण लॉटरी निकालकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए जाएं।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins