CG : अब खेतों में पहुंचेगा प्रशासन फसल क्षति का सर्वे 25 तक …
खैरागढ़ l बारिश की कमी से खेतों में पड़ी दरारों, सूखते नदी-नालों और धान की फसल पर मंडरा रहे संकट को लेकर दैनिक भास्कर में 11 सितंबर को “केसीजी जिले में बारिश की बेरुखी से खेतों पर संकट, निदाई-गुड़ाई, खाद डालना बंद’ हेडिंग से खबर प्रकाशित किया था।
उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी तहसीलदारों को हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिव की संयुक्त टीम गठित कर गांव-गांव फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे का काम 25 सितंबर तक पूरा कर ग्रामवार बोए गए क्षेत्रफल और फसल क्षति के कुल रकबे की जानकारी निर्धारित प्रारूप में देने को कहा गया है।
बारिश के आंकड़ों और किसानों द्वारा बताई जा रही जमीनी स्थिति के बीच अब प्रशासनिक सर्वे से वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। संयुक्त दल गांवों में पहुंचकर खेतों का भौतिक निरीक्षण करेगा और कुल बोए गए क्षेत्रफल में से फसल क्षति वाले रकबे को दर्ज करेगा।
यानी अब सिर्फ बारिश के औसत आंकड़े ही नहीं, बल्कि खेतों में पड़ी दरारें, सूखते जलस्रोत और प्रभावित धान की फसल भी सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगे। जिला केसीजी उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने कहा कि जिले में बारिश की स्थिति पर्याप्त है। विगत 10 वर्षों की औसत वर्षा के मुकाबले अब तक करीब 97 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।



