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बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में अब सुचारू होगा कामकाज, संविदा शिक्षकों को मिलेगी प्रशासनिक जिम्मेदारी

By Admin|11 Sep 2026, 4:33 PM
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पटना
राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू होने के तकरीबन दो माह बाद प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कवायद तेज हो गई।

इसके लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने संबंधित कुलपतियों को निर्देश दिया है। इसके मुताबिक नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले जिन राजकीय डिग्री कालेजों के आसपास संबद्ध महाविद्यालय हैं, वहां के प्राचार्य को संबंधित नवसृजित डिग्री कालेज के प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा।

राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को दिया निर्देश
इससे डिग्री कालेजों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के संचालन में सुविधा होगी। डिग्री कालेजों में कार्यरत संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को दैनिक प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन के लिए नामित किया जाएगा।

इससे काॅलेज में नियमित प्रशासनिक गतिविधियों को संचालित करने में मदद मिलेगी। वहीं संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को नवसृजित डिग्री कालेज में बर्सर के कार्यों के लिए नामित किया जाएगा।

बर्सर संबंधित कालेज के वित्तीय संबंधी प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर नए डिग्री कालेजों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

वित्तीय व्यवस्था के लिए संविदा सहायक प्राध्यापकों को दी जाएगी प्रशासनिक जिम्मेदारी
निर्देश के मुताबिक जिन संविदा सहायक प्राध्यापक को बर्सर की जिम्मेदारी दी जाएगी उस बर्सर के अतिरिक्त प्रभार वाले प्राचार्य के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खाते का संचालन करना होगा।

दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सभी नए डिग्री काॅलेजों में प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था की निगरानी विश्वविद्यालयों के अतिरिक्त राज्यपाल सचिवालय के स्तर से भी होगी। संविदा शिक्षकों काे क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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