भिलाई। छत्तीसगढ़ नगरपालिका निगम अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत नगर पालिक निगम क्षेत्र में भवन एवं भूमि पर संपत्तिकर अधिरोपित किया जाता है। अधिनियम की धारा 132(1) की उपधारा (क) में संपत्तिकर अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है। वहीं धारा 135 के तहत संपत्तिकर की दर तथा धारा 138 के तहत भवन अथवा भूमि के क्षेत्रफल एवं उसकी अवस्थिति के आधार पर वार्षिक भाड़ा मूल्य की गणना के लिए प्रति वर्गमीटर मूल्य निर्धारित किए जाने का प्रावधान है।
निगम द्वारा बताया गया है कि प्रत्येक संपत्तिधारक को नियमानुसार अपनी संपत्ति से संबंधित स्व-निर्धारण विवरणी प्रस्तुत करना आवश्यक है। चालू वित्तीय वर्ष में स्व-निर्धारण विवरणी पत्रक प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति पर एक हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है।
इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ नगरपालिका (भवन/भूमि के कर योग्य संपत्ति मूल्य का निर्धारण) नियम, 2021 के अंतर्गत निर्धारित तिथि तक निगम द्वारा निर्धारित कर राशि का भुगतान नहीं करने पर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात नियमानुसार अधिभार (सरचार्ज) लगाए जाने का प्रावधान है।
निगम प्रशासन के अनुसार, उक्त नियमों के तहत संपत्तिकर की वसूली करते समय देय संपत्तिकर के साथ समेकित कर, शिक्षा उपकर एवं अन्य देय करों को भी शामिल किया जाता है। निर्धारित समय-सीमा के बाद भुगतान किए जाने पर नियमानुसार अधिभार की राशि की गणना कर संबंधित संपत्तिधारक से वसूल की जाती है।
निगम ने संपत्तिधारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपत्तिकर एवं अन्य देय करों का भुगतान करें तथा स्व-निर्धारण विवरणी समय पर प्रस्तुत करें, ताकि अनावश्यक शास्ति एवं अधिभार से बचा जा सके।
