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आसमान से तेज बारिश होती रही, लेकिन राहुद में श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। भारी बारिश के बावजूद ग्राम राहुद में आयोजित एक दिवसीय गीता-भागवत सत्संग में तीन हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। देखते ही देखते पंडाल भीड़ से भर गया। आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे साधक बारिश के बीच सत्संग में डटे रहे। ‘हरि ॐ’ के जयघोष से पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय हो उठा।
योग वेदान्त सेवा समिति एवं राजनांदगांव आश्रम के तत्वावधान में आयोजित सत्संग में रामा भाई ने जीवन में सत्संग के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज अनेक लोग चिंता, तनाव, हताशा और निराशा से जूझ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में सत्संग व्यक्ति को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बन सकता है।
सत्संग से सद्विचार, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति नई आशा का संचार होता है। कार्यक्रम शुरू होने से काफी पहले ही आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। बारिश के बावजूद उनकी संख्या लगातार बढ़ती रही। पंडाल भरने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। रामा भाई के आगमन पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
जीवन की उलझनों का समाधान सत्संग में बताया रामा भाई ने कहा कि जीवन में कई बार परिस्थितियां व्यक्ति को चिंता और निराशा की ओर ले जाती हैं। ऐसे समय में अच्छे विचारों और सकारात्मक संगति की जरूरत होती है। सत्संग व्यक्ति को आत्मचिंतन का अवसर देता है और जीवन की उलझनों से बाहर निकलने की प्रेरणा देता है।
