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राजनांदगांव , जिला अस्पताल के पास डॉक्टरों की कॉलोनी के एक अपार्टमेंट में बुधवार को 7 फीट लंबे सांप का रेस्क्यू किया गया। बड़ी बात यह है कि यह सांप पेड़ों और डालियों के सहारे अपार्टमेंट के फ़र्स्ट फ्लोर तक चढ़ कर खिड़की से होते हुए स्टोर रूम तक जा पहुंचा। डॉक्टरों ने इसे देखते ही सर्प मित्र संजीव फ्रांसिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे संजीव फ्रांसिस ने करीब एक घंटे तक सांप को पकड़ने मशक्कत की। रेस्क्यू कर सांप और कॉलोनी में रहने वालों को सुरक्षित किया।
संजीव फ्रांसिस ने बताया यह रेट स्नेक सांप है जिसकी लंबाई करीब 7 फीट है। देशी भाषा में इसे असोिड़या कहा जाता है। यह सांप मेंढक और चूहों का शिकार करता है। यह जंगल और खेतों, झाड़ियों के बीच पाया जाता है। यह जहरीला नहीं होता लेकिन इस सांप की पूछ से जहर छोड़ने, काटे गए अंग के सड़ने जैसे कई तरह के भ्रम लोगों में प्रचलित है। लेकिन ऐसा नहीं है। कई सांपों का जहर कुछ हद तक असर करता है तत्काल एंटी स्नेक वेनम लगाने पर जान बच सकती है।
बारिश के दो माह में 250 से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू संजीव फ्रांसिस बारिश में जुलाई-अगस्त में रोज औसत 5 सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। विगत दिनों कलेक्ट्रेट के मेन गेट के सामने इसी प्रजाति के 5 फीट लंबे सांप को पकड़ा था। दो बार 8 से 9 फीट लंबे सांप को पकड़ा है। उन्होंने सांपों के बारे में किताबें पढ़ी, सोशल मीडिया से सीखा और नि:शुल्क सेवा दे रहे हैं। जुलाई और अगस्त में रोज 5 के औसत से 250 से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू किया है।
