kadwaghut logo final
राजनांदगांव , जिलेभर के स्कूलों में पहले से करीब ढाई हजार शिक्षकों की कमी है। अब प्रदेश स्तर से शिक्षकों की तबादला सूची जारी होने का सिलसिला शुरू हो गया। इस सूची में प्राइमरी, मिडिल, हाई, हायर सेकेंडरी स्कूल के व्याख्याता शामिल है। ऐसे में यहां शिक्षकों की और कमी होती जा रही है। सालभर पहले युक्तियुक्तकरण कर स्कूलों में शिक्षकों की संख्या को बैलेंस किया था। इससे कुछ हद तक राहत मिली। लेकिन शहर में ज्यादा और गांव खासकर छुरिया ब्लॉक में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है।
नया शिक्षा सत्र शुरू होने के माहभर बाद भी स्कूलों में यूनिफार्म और किताबें नहीं पहुंची थी। अब जाकर किताबें, यूनिफार्म पहुंची और पढ़ाई व्यवस्था पटरी पर लौट पाई। लेकिन अब फिर से शिक्षकों का तबादला होने का असर स्कूलों में दिखने लगा है। जिले में कुल 10 स्वामी आत्मानंद पीएम अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल चल रहें है। लेकिन इन स्कूलों में व्याख्याता, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। कुछ स्कूलों में ग्रामीणों की मांग पर शिक्षकों की पूर्ति की गई लेकिन जरूरत के मुकाबले वह काफी नहीं है।
एक-दो शिक्षकों की पूर्ति की, जरूरत से काफी नहीं जिले के कई स्कूलों में मांग के अनुरूप एक-दो ही शिक्षकों की पूर्ति की जा सकी। लेकिन वह जरूरत के मुकाबले काफी नहीं। शिक्षा विभाग ने स्वामी आत्मानंद पीएम स्कूलों में संविदा शिक्षक रखने की प्रक्रिया की है। म्युनिसिपल स्कूल, स्टेट स्कूल, बख्शी स्कूल सहित अन्य स्कूलों में शिक्षक मिले। लेकिन भर्रेगांव, सुकुल दैहान सहित अन्य स्कूलों में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भौतिक, रसायन शास्त्र जैसे विषयों में एक से दो और कहीं तीन शिक्षकों की कमी बनी है।
