राजनांदगांव : सांसद संतोष पांडे ने देखी ‘हनुमान अंश’ फिल्म, बोले- नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने की मजबूत कड़ी

राजनांदगांव। धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं से जुड़ी फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर राजनांदगांव में दर्शकों के बीच उत्साह देखने को मिला। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे भी सिनेमा हॉल पहुंचे और फिल्म का आनंद लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी फिल्म देखने पहुंचे।
फिल्म देखने के बाद सांसद संतोष पांडे ने भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम और हनुमान जी भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। हनुमान जी की भक्ति, समर्पण, साहस और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है सिनेमा
सांसद ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने फिल्म के कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति और शक्ति को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना भावनात्मक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्रीराम मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक हैं, जबकि हनुमान जी सेवा, शक्ति, बुद्धि और समर्पण की मिसाल हैं। इन आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में सिनेमा जैसे माध्यम की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़ी कहानी ने खींचा ध्यान
फिल्म के संदर्भ में संतोष पांडे ने नीम करौली बाबा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं और आध्यात्मिक पहलुओं को फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल चमत्कारों की कहानी नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास भी है।
सांसद ने कहा कि फिल्म में हनुमान जी के चरित्र से जुड़े कई प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति अटूट निष्ठा और भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखता है, तो उसके लिए मंजिल हासिल करना संभव है।
हनुमान जी से मिलती है लक्ष्य प्राप्ति की प्रेरणा
संतोष पांडे ने हनुमान जी को बुद्धि, शक्ति और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने अनेक बाधाओं को पार कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की साधना और भक्ति आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि अटूट श्रद्धा और निष्ठा व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। फिल्म में भी इसी भावना को अलग-अलग प्रसंगों के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया गया है।
फिल्म के दूसरे भाग का भी इंतजार
‘हनुमान अंश’ को लेकर दर्शकों के बीच इसके अगले भाग को लेकर भी उत्सुकता दिखाई दी। सांसद ने कहा कि फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने की चर्चा है और आने वाले समय में इसके दूसरे भाग में सनातन, धर्म और आस्था से जुड़े अन्य पहलुओं को देखने का अवसर मिल सकता है।
फिल्म देखने के लिए सांसद संतोष पांडे के साथ भाजपा के कई कार्यकर्ता, वरिष्ठजन और जनप्रतिनिधि भी सिनेमा हॉल में मौजूद रहे। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष के साथ लोगों ने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की।
सनातन संस्कृति के प्रति जागरण की कड़ी
सांसद संतोष पांडे ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति और परंपराओं के प्रति प्रेम एवं जागरण का भाव बढ़ रहा है। उन्होंने ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया और कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं।




