छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा जिला

CG : ₹10.18 करोड़ की साइबर ठगी, जांजगीर-चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई …

By kadwaghut|10 Aug 2026, 1:16 PM
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जांजगीर-चांपा: साइबर ठगी के लिए अपना बैंक खाता और मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले पांच ‘म्यूल अकाउंट’ धारकों के खिलाफ जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में हुए 33 साइबर फ्रॉड मामलों की रकम जमा करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया। इन मामलों में कुल करीब 10 करोड़ 18 लाख 19 हजार 809 रुपये की साइबर ठगी सामने आई है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने नाम से बैंक खाते खुलवाने और मोबाइल नंबरों के सिम सक्रिय कराने के बाद उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। इन खातों के जरिए दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोह ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम का लेनदेन करते थे। कई मामलों में ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंची। आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों में इन 33 मामलों से संबंधित 66 लाख 557 रुपये ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर साइबर अपराधों की निगरानी के दौरान पुलिस को ‘समन्वय’ पोर्टल के जरिए इन खातों से जुड़े इनपुट मिले। इसके बाद जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की विस्तृत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपियों के बैंक खातों का कनेक्शन देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 33 साइबर ठगी मामलों से है। इनमें आंध्र प्रदेश के 4, गोवा के 2, गुजरात के 5, हिमाचल प्रदेश के 2, कर्नाटक के 6, महाराष्ट्र के 3, राजस्थान के 2, तेलंगाना के 4, उत्तर प्रदेश के 2, पश्चिम बंगाल के 1 और छत्तीसगढ़ के 2 मामले शामिल हैं।

पुलिस ने मामले में सत्यनारायण आदित्य, निवासी किकिरदा थाना बिर्रा, तुषार सिंह राठौर और ओम प्रकाश केवट, दोनों निवासी फरसवानी थाना उरगा जिला कोरबा, हरीश कुमार देवांगन, निवासी सिवनी थाना चांपा तथा मनोज कुमार मांझी, निवासी चांपा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि संदीप चंद्रा और उसके साथियों ने कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाए और मोबाइल नंबर सक्रिय कराए थे। बाद में इन खातों को अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल किया गया। इसके बदले खाताधारकों को कुछ हजार रुपये से लेकर लाखों रुपये तक कमीशन मिलने की बात सामने आई है।

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जांच में यह भी पता चला कि संदीप चंद्रा वर्तमान में एक अन्य साइबर ठगी के मामले में केंद्रीय जेल में बंद है। उसके खिलाफ बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस थाना, बिलासपुर में मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके साथ जुड़े अन्य लोगों और म्यूल अकाउंट के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। जांजगीर-चांपा साइबर थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 317(4), 317(5), 318(4) और 323 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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