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CG : प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत, चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाओं में आया बड़ा बदलाव …

By kadwaghut|07 Aug 2026, 10:45 AM
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने और आम लोगों तक बेहतर उपचार सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार बड़े फैसले ले रही है। सरकार का मानना है कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ होगा। इसी सोच के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई परियोजनाओं को गति दी जा रही है, जिनका लाभ मरीजों, चिकित्सा विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों सभी को मिलेगा।

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साय सरकार के कार्यकाल में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिलने से भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना आसान होगा। लंबे समय से लंबित कोरबा, कांकेर और महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों को भी सरकार ने आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेजों और फिजियोथेरेपी संस्थानों का विस्तार कर स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

राज्य सरकार ने बिलासपुर स्थित सिम्स के उन्नयन का कार्य भी तेज किया है। यहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। डीएम कार्डियक कोर्स शुरू होने से प्रदेश के डॉक्टरों को उच्चस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। वहीं जगदलपुर में छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है, जिससे बस्तर सहित आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर हृदय रोगों के उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा है कि स्वस्थ समाज ही विकसित राज्य की मजबूत नींव होता है। उनके अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की है।

सरकार का दावा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से स्वास्थ्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को गति मिली है। डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र का सहयोग प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद भी जताई है कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की सौगात मिलेगी। यदि यह संस्थान स्थापित होता है तो प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और शिक्षा को नई दिशा मिलेगी तथा युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और शोध के अवसर प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध प्रदेश है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध परंपरा मौजूद है। ऐसे में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए AIIA की स्थापना को सरकार एक महत्वपूर्ण पहल मान रही है। इससे प्रदेश की औषधीय संपदा को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। बस्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की गति तेज हुई है और स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट, स्वास्थ्य शिविर और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में रायपुर स्थित चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 103 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में आधुनिक छात्र-छात्रावास, कैंसर भवन का विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण शामिल है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से चिकित्सा शिक्षा और मरीजों के उपचार दोनों को नई मजबूती मिलेगी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया। प्रस्तावित 200 सीटर आधुनिक छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे, जिससे संस्थान की कार्यक्षमता और बेहतर होगी। कैंसर भवन के विस्तार की परियोजना भी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक प्रयोगशालाएं, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, आईसीयू, सिंगल रूम और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे। इससे कैंसर मरीजों को राज्य के भीतर ही बेहतर और उन्नत उपचार सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके अलावा छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार भी किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुल मिलाकर साय सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना, चिकित्सा शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी उपचार, आयुष आधारित चिकित्सा और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को समान प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना, चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाना और छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

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