राजनांदगांव : 107 करोड़ बकाया, प्री-पेड व्यवस्था में 3 माह का एडवांस लेगी बिजली कंपनी…
राजनांदगांव , सरकारी दफ्तरों में लगे स्मार्ट मीटर में प्री पेड सिस्टम लागू नहीं किया जा सका है। तीनों जिले के सरकारी विभागों पर पहले से करीब 107 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। बिजली कंपनी के सामने उनसे पुरानी बकाया राशि वसूल करने के साथ तीन महीने के औसत बिल के बराबर एडवांस जमा करानी है। लेकिन पुरानी बकाया राशि की वसूली कमजोर होने के साथ तीन माह का एडवांस जमा कराना चुनौती साबित हो रहा है। किसी विभाग ने एडवांस जमा नहीं की है।
सरकारी विभागों पर बकाया होने के बाद भी सख्ती दिखाई नहीं दे रही है। नया प्री पेड सिस्टम लागू होने से विभागों से पुराने बकाया की वसूली और भविष्य में बकाया होने की समस्या नहीं होने के उद्देश्य से बिजली कंपनी यह नई व्यवस्था लागू करने वाली है। बिजली कंपनी ने बड़े सरकारी बकायादारों को पहले कई बार नोटिस भेजा, रिमाइंडर किया लेकिन भीषण गर्मी के चलते कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं की जा सकी। बड़े सरकारी बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है।
राजनांदगांव जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालयों के सरकारी दफ्तरों पर करीब 60 करोड़ रुपए बिजली बिल का बकाया है। इसमें मोहारा वाटर फिल्टर प्लांट और स्ट्रीट लाइटों का मिला कर निगम पर सबसे ज्यादा बिजली बिल बकाया होने की जानकारी सामने आई है। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित कार्यालयों, कंपोजिट भवन सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में लाखों रुपए का बकाया है। इसी तरह केसीजी (खैरागढ़-छुईखदान-गंड ई) जिले के सरकारी कार्यालयों में 24 करोड़, एमएमसी (मोहला-मान पुर-अंबागढ ़ चौकी) जिले के कार्यालयों में करीब 22 करोड़ कुल 107 करोड़ बकाया है। इस संबंध में शहर डिवीजन क्षेत्र के ईई एस कंवर ने बताया कि प्री पेड सिस्टम लागू करने अभी किसी विभाग ने तीन माह के औसत खपत के बराबर एडवांस राशि जमा नहीं की है। पुराना बकाया वसूलने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
स्मार्ट मीटर का विरोध बिल ज्यादा आने लगा शहरों में घरेलू स्मार्ट मीटर का विरोध अभी भी जारी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने से कई गुना ज्यादा बिल आ रहा है। कैलाश नगर स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय में रोज ऐसी 50 से ज्यादा शिकायतें पहुंच रही है। अफसरों को उन्हें समझाना पड़ रहा है। वहीं अब बिजली महंगी होने और एक जुलाई से टैरिफ दर बढ़ने का असर अगस्त के बिजली बिल में दिखाई देगा। अभी शहरी क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाना बाकी है। कंपनी इसमें तेजी लाने का दावा कर रही है।
बकाया वसूली करने कनेक्शन काटने की तैयारी शहर डिवीजन क्षेत्र के ईई एस कंवर ने बताया कि केवल अभी केवल सरकारी कार्यालयों में प्री पेड सिस्टम लागू किया घरेलू कनेक्शन में नहीं लागू होगा। सरकारी कार्यालयों को इसकी सूचना दी जा चुकी है। वहां पहले से स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। तीनों जिले में करीब 107 करोड़ बिजली बिल बकाया है, नोटिस भेजा, रिमाइंडर किया, जरूरत पड़ने पर कनेक्शन काटे जाएंगे।
