छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : नगर में तीन दिनों से नल बंद, दो टैंकरों के भरोसे अधूरी सप्लाई, नागरिकों में आक्रोश…

By lokesh sharma|05 Aug 2026, 12:07 PM
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डोंगरगांव , हाल ही में नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा प्राप्त करने वाले डोंगरगांव में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराने लगी है। नगर पालिका और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के बीच समन्वय के अभाव और कथित विभागीय लापरवाही का खामियाजा पिछले तीन दिनों से नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में भी नगर के सभी 15 वार्ड किसी न किसी रूप में जलसंकट से जूझ रहे हैं, जबकि वार्ड क्रमांक,13, 14 और 15 (मटिया क्षेत्र) की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।

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इन तीनों वार्डों में पिछले तीन दिनों से नियमित जलापूर्ति ठप होने के कारण लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। नगर के अन्य वार्डों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। कहीं बेहद कम दबाव से बूंद-बूंद पानी पहुंच रहा है तो कहीं टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। नगरीय क्षेत्र में मात्र दो टैंकरों के भरोसे मिलने वाला पानी भी आवश्यकता के अनुरूप नहीं मिल रहा है, जिससे पानी के लिए छीना-झपटी की स्थिति है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जलशोधन संयंत्र में फिटकरी (एलम) उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति बाधित है। सवाल यह है कि यदि जलशोधन के लिए आवश्यक सामग्री की समय पर व्यवस्था नहीं हो सकी, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? आखिर ऐसी बुनियादी आवश्यकता की अनदेखी क्यों हुई? नगर पालिका ने जलापूर्ति केंद्रों पर अनेक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यदि नगरवासियों तक नियमित पानी नहीं पहुंच पा रहा है तो यह संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए नगरवासियों का कहना है कि नगर पालिका बनने के बाद बेहतर मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान बारिश के समय ही हालात ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर जलसंकट का स्थायी समाधान करे तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। समाधान नहीं हुआ तो जनता का आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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