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CG : गलत संगत से समय, संस्कार और लक्ष्य तीनों बिगड़ते हैं : मुनि संवेगसागर…

By lokesh sharma|03 Aug 2026, 1:59 PM
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रायपुर । फ्रेंडशिप डे पर विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी चातुर्मासिक प्रवचनमाला में मुनिसंवेगरत्न सागर ने सच्ची मित्रता का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए कहा कि मित्रता तभी सार्थक है, जब मित्र कल्याणकारी हो। गलत मित्र व्यक्ति को उसके जीवन के मूल उद्देश्य से भटका देता है और उसका समय, संपत्ति तथा संस्कार तीनों नष्ट कर देता है।

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धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि परमात्मा द्वारा बताए गए कल्याणकारी मित्र से ही मित्रता करनी चाहिए। ऐसा मित्र व्यक्ति को उनमार्ग से हटाकर सदमार्ग की ओर ले जाता है और देव, गुरु व धर्म की शरण में पहुंचाता है।

मुनिश्री ने कहा कि जीवन में दो लोगों का चयन सबसे महत्वपूर्ण होता है। पहला गुरु, क्योंकि गुरु हमारी मति का निर्माण करते हैं और दूसरा मित्र, क्योंकि मित्र हमारी गति तय करता है। यदि मित्र गलत होगा तो जीवन की दिशा भी गलत हो जाएगी, जबकि एक कल्याणकारी मित्र पूरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। इसलिए अकल्याणकारी मित्रों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सद्गुरु भगवंत सबसे श्रेष्ठ कल्याणकारी मित्र हैं। माता-पिता भी कल्याणकारी मित्र हो सकते हैं, लेकिन आध्यात्मिक जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने आगाह किया कि मूर्ख व्यक्ति से कभी मित्रता नहीं करनी चाहिए। स्वस्थ शरीर मिलना पुण्य का फल है, लेकिन यदि मन को गलत दिशा में लगाया जाए तो वही पाप के बंधन का कारण बन जाता है।

49 दिवसीय पंच परमेष्ठी श्रेणी तप शुरू
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुणीया व महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि पंच परमेष्ठी श्रेणी तप की शुरुआत 2 अगस्त से हो गई है। बड़ी संख्या में आत्म कल्याण के लिए श्रावक-श्राविकाओं ने तप का संकल्प लिया। धर्मसभा में तप की विधि गुरु भगवंत के मुखारविंद से शास्त्रविधि के अनुसार हुई। अक्षत कलश की स्थापना की गई। देववंदन,वधावना और कलश को अक्षत कलश से भरा गया। वही दोपहर 2:30 से 4 बजे तक 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए ज्ञान,संस्कार कार्यशाला का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में बच्चों ने गुरु भगवंत से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।

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तपस्वियों का सम्मान, सभी ने की अनुमोदना
पंच परमेष्ठी श्रेणी तप के कलश की स्थापना के पश्चात तपस्वियों का सम्मान किया गया। तपस्वियों का माला से सम्मान करने का लाभ गौतमचंद, अभिषेक कुमार लोढ़ा परिवार को मिला। अक्षत,श्रीफल और रोकड़ से बधावने का लाभ पानी बाई आसकरण भंसाली परिवार कल्प वृक्ष को मिला। कलश स्थापना का लाभ हेमीबाई, पुखराज जी लुनिया परिवार को मिला। चातुर्मास में तपस्या का क्रम निरंतर जारी है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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