छत्तीसगढ़

CG : प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के विरुद्ध जिले में बड़ी कार्रवाई …

By kadwaghut|03 Aug 2026, 12:49 PM
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अम्बिकापुर । राज्य शासन द्वारा जनस्वास्थ्य एवं उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) एवं अन्य गैर-दुग्ध किन्तु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। अभियान के प्रथम ही दिन विभाग ने कार्रवाई करते हुए राजहंस ट्रेवल्स की एक यात्री बस से प्रतिबंधित श्रेणी का पनीर जब्त किया तथा अवैध परिवहन के संबंध में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(क) के अंतर्गत राज्य की संपूर्ण भौगोलिक सीमा में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) तथा अन्य गैर-दुग्ध किन्तु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 31 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है।

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इसी आदेश के अनुपालन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा की प्रवर्तन टीम रविवार प्रातः लगभग 5 बजे नए बस स्टैंड, अंबिकापुर पहुंची, जहां बसों एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान राजहंस ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 15 EC 0828 से प्रतिबंधित श्रेणी के पनीर का परिवहन किया जाना पाया गया। टीम ने तत्काल उक्त सामग्री को जब्त करते हुए अवैध परिवहन के संबंध में प्रकरण दर्ज किया तथा नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी।

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विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष जांच अभियान केवल अंबिकापुर के नए बस स्टैंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी रखी जाएगी। बस, जीप, मालवाहक वाहन सहित अन्य परिवहन साधनों की नियमित एवं आकस्मिक जांच की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का किसी भी माध्यम से परिवहन रोका जा सके।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले के सभी डेयरी उत्पादों के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा अन्य खाद्य कारोबार संचालकों को नोटिस वितरित कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। व्यापारियों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई है कि किसी भी प्रकार का पनीर अथवा अन्य दुग्ध उत्पाद बिना वैध स्रोत, क्रय बिल एवं आपूर्तिकर्ता की जानकारी के क्रय तथा विक्रय न करें। यदि कोई खाद्य कारोबार संचालन स्रोत की जानकारी उपलब्ध कराए बिना ऐसे उत्पादों का कारोबार करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने जिले के सभी बस संचालकों, ट्रांसपोर्टरों एवं परिवहन एजेंसियों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित एनालॉग पनीर अथवा अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के परिवहन में किसी भी प्रकार का सहयोग न करें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित परिवहनकर्ता सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। आज की प्रवर्तन कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा के खाद्य सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत यादव एवं तुलेश्वर सिंह तथा पुलिस विभाग से राजेंद्र बाखला उपस्थित रहे।

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खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित अथवा संदिग्ध एनालॉग पनीर या अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण, परिवहन अथवा विक्रय होता हुआ दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। जनसहयोग से ही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का प्रभावी पालन कराया जा सकता है।

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