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CG : दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम …

By kadwaghut|03 Aug 2026, 10:34 AM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिव्यांग हितग्राहियों से संवाद किया। कार्यक्रम में समय पर ऋण की अदायगी करने वाले सफल हितग्राही सोना थालिया को सम्मानित किया गया तथा अन्य हितग्राहियों को भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

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बैठक में लोकेश कावड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि निगम के माध्यम से 50 हजार रुपये तक 5 प्रतिशत, 5 लाख रुपये तक 6 प्रतिशत और 10 लाख रुपये तक 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार 50 लाख रुपये तक ऋण देने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को सब्सिडी का लाभ और दैनिक किस्त भुगतान जैसी सुविधाएं देकर योजनाओं को और अधिक सरल बनाया गया है।

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज वर्मा ने बताया कि निगम का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को सफल उद्यमी बनाना है। इसके लिए पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्पाद निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और लेखा-जोखा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सुमित कपड़ा बाजार एवं शुभम मार्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ हुए एमओयू के माध्यम से व्यवसायिक सहयोग सुनिश्चित किया गया है तथा रायपुर में विशेष शोरूम और आउटलेट विकसित कर दिव्यांगजनों के उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।

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कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक पात्र दिव्यांग हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए गए हर्बल साबुन, मालाएं और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। अतिथियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए दिव्यांगजनों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की प्रशंसा की।

बैठक के बाद निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने दिव्यांग विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए संचालित आकार आवासीय संस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था में अध्ययनरत 12 बच्चों की सुधारात्मक शल्य चिकित्सा शीघ्र कराने के निर्देश दिए तथा जिले में 100 नए दिव्यांगजनों का चयन कर उन्हें स्वरोजगार ऋण से जोड़ने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस पहल को दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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