छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : सड़क की मरम्मत के लिए फंड नहीं कीचड़ व गड्ढों में चलने की मजबूरी…

By kadwaghut|02 Aug 2026, 11:31 AM
f X W

गंडई-पंडरिया , ग्राम पंचायत देवपुरा की सड़क खराब है। लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद न तो किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और न ही सड़क की मरम्मत अथवा निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई दी। बरसात के बीच सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो चुकी है।

जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जबकि पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों को हर दिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर कम से कम अस्थायी मरम्मत कराएगा, लेकिन हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं।

इससे लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दशकों तक इंतजार करना किसी भी गांव के साथ न्याय नहीं है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, पानी भरने से गड्ढों‍ का अंदाजा नहीं पूरी सड़क पर कीचड़ फैला हुआ है और गड्ढों में पानी भरा होने से राहगीरों को यह तक पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से धीरे-धीरे वाहन निकालने को मजबूर हैं, जबकि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता पार करना चुनौती बन गया है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्ग प्रतिदिन आवागमन करते हैं।

READ ALSO  स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

ग्रामीणों ने कहा- वादे हुए लेकिन विकास नहीं ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत देवपुरा गंडई नगर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान वर्तमान सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण और गांव के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे वादे केवल आश्वासन बनकर रह गए।

उनका कहना है कि यदि पंचायत इस मुद्दे को लगातार प्राथमिकता देकर उच्च अधिकारियों पर प्रभावी दबाव बनाती, तो वर्षों पुरानी यह समस्या अब तक दूर हो चुकी होती। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत आज भी बदहाल सड़क के रूप में सामने है।

जनपद पंचायत छुईखदान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी केश्वरी देवांगन ने कहा कि ग्राम पंचायत देवपुरा से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर सड़क निर्माण की मांग राज्य स्तर पर भेजी गई है। उच्च स्तर से आश्वस्त किया गया है कि फंड मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button