DPR छत्तीसगढ समाचाररायपुर जिला

CG : बारिश भी नहीं रोक सकी बाघ संरक्षण की मुहिम, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उमड़ा जनसैलाब

By kadwaghut|30 Jul 2026, 5:00 PM
f X W

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर मैराथन, छात्र प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता

Advertisement
Advertisement

रायपुर,

बारिश भी नहीं रोक सकी बाघ संरक्षण की मुहिम, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उमड़ा जनसैलाब
बारिश भी नहीं रोक सकी बाघ संरक्षण की मुहिम, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उमड़ा जनसैलाब

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बीजापुर स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बाघ संरक्षण के संदेश से इंद्रावती टाइगर रिजर्व गूंजता रहा

        देश के चौथे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में पहली बार इस स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ बाघ संरक्षण को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए गए। मूसलाधार बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे दिन संरक्षण के संदेश से इंद्रावती टाइगर रिजर्व गूंजता रहा।

‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन बना मुख्य आकर्षण

       कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन रही। 5 और 10 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित इस मैराथन में लगभग 150 धावकों ने हिस्सा लिया। बीजापुर के अलावा दंतेवाड़ा, कोंडागांव और बस्तर सहित अन्य जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों ने बारिश के बीच भी पूरे उत्साह के साथ दौड़ पूरी की और बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।

बाघों और वनों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी

        मैराथन का शुभारंभ कलेक्टर विश्वदीप ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि बाघों और वनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया।

READ ALSO  CG : छत्तीसगढ़ में बदला नियम: शराब दुकानों में कैश बंद, बोतल खरीदने के लिए करना होगा ऑनलाइन पेमेंट ...

विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

        अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, पेंटिंग, कविता और भाषण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिले के 9 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बाघ संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण विषयों पर उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं। इन प्रतियोगिताओं ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक और संवेदनशील है।

विजेताओं को किया गया सम्मानित

        पुरस्कार वितरण समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करना भविष्य के सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण की मजबूत नींव है।

वन विभाग और सामाजिक संस्था का महत्वपूर्ण योगदान

     कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक संदीप बलगा, एसडीओ मनोज बघेल तथा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष एम. सूरज सहित संस्था के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।

        समापन समारोह में मैराथन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मैराथन विजेता

5 किलोमीटर (महिला वर्ग)

प्रथम – कुमारी सुनीता कुहरामी
द्वितीय – कुमारी साक्षी नेताम
तृतीय – कुमारी प्रियंशु मिच्छा

10 किलोमीटर (महिला वर्ग)

प्रथम – कुमारी पार्वती नेताम
द्वितीय – कुमारी कुसुम सरदुल
तृतीय – कुमारी अंजली करम

READ ALSO  CG : संभाल लीजिए छाता! छत्तीसगढ़ में आज से फिर झमाझम बारिश ...

5 किलोमीटर (पुरुष वर्ग)

प्रथम – चम्पेश कुमार मरकाम
द्वितीय – प्रदीप मरकाम
तृतीय – मनजीत मरकाम

10 किलोमीटर (पुरुष वर्ग)

प्रथम – फूलधर नेताम
द्वितीय – भावेश सलाम
 तृतीय – ललित कुमार नाग

चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता परिणाम

कक्षा 5 से 8

प्रथम – यश विष्णु
द्वितीय – सुनीता तेलम
तृतीय – अंश कुमार
चतुर्थ – शेरोन बरसा

कक्षा 9 से 12

प्रथम – शांति त्रिपाठी
 द्वितीय – मीनाक्षी एवं प्रयाग (संयुक्त)
तृतीय – इलाफ फातिमा

बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी

        कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि बाघों, वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक सशक्त जनअभियान है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों को और व्यापक रूप से आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins