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राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ खेलों में जीता रजत पदक, 199 किलो वजन उठाकर रचा इतिहास….

By kadwaghut|27 Jul 2026, 8:33 PM
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53 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन, संघर्ष और मेहनत ने दिलाया भारत को सिल्वर; पूरे राजनांदगांव में खुशी की लहर

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे राजनांदगांव के लिए गर्व का क्षण है। शहर की बेटी और अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 किलोग्राम महिला वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया है। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 199 किलोग्राम के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

इस स्पर्धा में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 206 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि कनाडा की रेबेका ग्रूलक्स 178 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

भाई से किया वादा निभाया

ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि प्रतियोगिता से पहले उनके भाई रितेश यादव सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में भर्ती थे। परिवार उसकी देखभाल में जुटा हुआ था। प्रतियोगिता से पहले ज्ञानेश्वरी ने भाई से फोन पर बात कर पदक जीतने का वादा किया था और उन्होंने अपना वादा निभाते हुए भारत की झोली में रजत पदक डाल दिया।

राजनांदगांव की व्यायामशाला से शुरू हुआ सफर

ज्ञानेश्वरी की खेल यात्रा किसी बड़े स्पोर्ट्स सेंटर से नहीं, बल्कि राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से शुरू हुई। उनके पिता दीपक यादव, जो पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं, स्वयं बॉडी बिल्डिंग करते थे। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली ज्ञानेश्वरी भी पिता के साथ व्यायामशाला जाने लगीं। उनकी लगन देखकर कोच अजय लोहार ने उन्हें वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण देना शुरू किया। उसी दिन हाथ में उठाया गया बारबेल आज उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों के पदक तक ले आया।

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आर्थिक तंगी के बीच नहीं टूटा हौसला

ज्ञानेश्वरी की सफलता के पीछे पूरे परिवार का संघर्ष छिपा है। सीमित आय में पिता दीपक यादव ने बेटी की डाइट, प्रशिक्षण, जूते, किट और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाया। परिवार ने अपनी जरूरतों से समझौता किया, लेकिन ज्ञानेश्वरी के सपनों से कभी समझौता नहीं होने दिया।

ग्राम भोड़िया से रोज साइकिल पर राजनांदगांव आना, स्कूल और घंटों अभ्यास करना उनकी दिनचर्या थी। देर रात पूरा परिवार एक ही साइकिल से गांव लौटता था। मां दुर्गा यादव ने भी सीमित संसाधनों में परिवार को संभालते हुए हर कदम पर बेटी का हौसला बढ़ाया।

संघर्ष बना सबसे बड़ी ताकत

वर्ष 2017 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला कांस्य पदक जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2022 में जूनियर विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। इसके बाद कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर नियुक्त किया। आज ज्ञानेश्वरी पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में प्रशिक्षण ले रही हैं।

इसके बावजूद परिवार का संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। राजनांदगांव में लिया गया मकान अब भी ऋण पर है और उसकी किस्त पूरा परिवार मिलकर चुका रहा है। ऐसे में राष्ट्रमंडल खेलों का यह रजत पदक केवल ज्ञानेश्वरी की सफलता नहीं, बल्कि पूरे परिवार के वर्षों के त्याग और विश्वास का सम्मान है। उनकी मेहनत और संघर्ष ने राजनांदगांव का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया।

राजनांदगांव के लिए गर्व का पल

कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में जीता गया यह रजत पदक केवल ज्ञानेश्वरी यादव की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राजनांदगांव, उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों की जीत है जिन्होंने उनके सपनों पर भरोसा किया। राजनांदगांव की इस बेटी ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और अथक मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।

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एक नजर में

  • कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक
  • 53 किग्रा वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया
  • स्नैच – 88 किग्रा, क्लीन एंड जर्क – 111 किग्रा
  • राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से शुरू हुआ सफर
  • संघर्ष और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं ज्ञानेश्वरी यादव
  • भारत और राजनांदगांव का नाम विश्व पटल पर किया रोशन

पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर बधाई दी है। मोदी ने एक्स पर लिखा, ज्ञानेश्वरी देवी को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में रजत पदक जीतने पर बधाई। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि उनकी सफलता भारत के युवाओं को प्रेरित करेगी। उन्हें भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाएं।

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