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विकास की रफ्तार: 4-लेन हाईवे बनने से भोपाल-कानपुर यात्रा होगी तेज और सुगम

By Admin|11 May 2026, 10:41 AM
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भोपाल
भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले फेस में भोपाल से विदिशा के बीच इस साल के आखिर तक लॉजिस्टिक और इंडस्ट्रियल अधोसंरचना का काम नजर आने लगेगा। नेशनल हाईवे के निर्माणाधीन इस 42 किमी. के हिस्से के पास एमपीआइडीसी ने इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर के तौर पर विकसित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स होंगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रोड पर काम कर रहा है, जबकि एमपीआइडीसी लॉजिस्टिक हब डेवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियां तय करेगा। लॉजिस्टिक हब के तौर पर इसके विकसित होने से भोपाल व विदिशा के बीच छोटे उद्योगों और वेयरहाउसिंग का बड़ा जाल बिछने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा।

राजधानी के विकास का रास्ता भी बदलेगा
टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ के अनुसार अभी शहर का पूरा विकास दक्षिण दिशा यानी नर्मदापुरम रोड व इंदौर रोड की ओर है। इस कॉरिडोर के बनने से ये रायसेन रोड, विदिशा रोड की ओर होगा। विदिशा रोड खुद इकोनॉमिक कॉरिडोर में बदलेगा तो यहां नए प्रोजेक्ट्स नए विकास की स्थितियां बनेंगी। नर्मदापुरम रोड से इसे जोडऩे पहले से ही बायपास है। इंदौर रोड की ओर भी प्रस्तावित पश्चिमी बायपास से जुड़ेगा।

ऐसे समझें अभी क्या है स्थिति
भोपाल के पास दीवानगंज/सलामतपुर वाले क्षेत्र से विदिशा की ओर बढ़ता है। भोपाल से विदिशा तक की 42 किमी. की दूरी को कवर करता है। यह कॉरिडोर भोपाल को उत्तर प्रदेश के कानपुर नौबस्ता/रिंग रोड से जोड़ेगा। इस हिस्से पर काम सबसे तेज गति से चल रहा है। 4-लेन चौड़ीकरण का काम अब बाहर नजर आने लगा है। भोपाल, विदिशा, सागर, छतरपुर में भूमि अधिग्रहण का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।

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इकोनॉमिक कॉरिडोर पर डालें एक नजर
    इसकी कुल लंबाई 526 किमी.। इसमें से 360 किमी. मध्य प्रदेश में है।
    यह एक 4-लेन हाईवे होगा। कुछ हिस्सों में 6-लेन की योजना भी है।
    भोपाल से कानपुर जाने में अभी 12-13 घंटे लगते हैं। कॉरिडोर से यह सफर सात से आठ घंटे में पूरा होगा।
    मध्य प्रदेश वाले हिस्से के लिए 3600 करोड़ रुपए मंजूर है।
    भोपाल से विदिशा का भाग 42 किमी. का है। इसमें मौजूदा सड़क को ही हाइवे में बदला जा रहा है।
    कॉरिडोर का काम जनवरी में शुरू हुआ है ।

नेशनल हाइवे व एमपीआइडीसी से प्रशासन इसपर लगातार चर्चा कर रहा है। इसके काम तेजी से पूरे कराने के साथ कॉरिडोर का आमजन को लाभ दिलाने नई योजना बनाई जा रही है। – प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर

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