छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : सोयाबीन फसल के घटते रकबे को बढ़ाने पर हुई चर्चा…

By kadwaghut|22 Jul 2026, 11:54 AM
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राजनांदगांव/ उपरवाह , कृषि विज्ञान केंद्र प्रांगण बालोद में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें चार कृषि विज्ञान केंद्र राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा व बालोद के समस्त प्रमुख वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक, कृषि विभाग बालोद के उपसंचालक कृषि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी साथ ही साथ सभी चारों जिलों के उन्नत व प्रगतिशील किसान उपस्थित हुए।

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कृषि के क्षेत्र में उन्नति और किसानों की समृद्धि के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करने के लिए डॉ. एसएस टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन व नेतृत्व में हुई बैठक में सर्वप्रथम कृषि विज्ञान केंद्र बेमेतरा के प्रमुख वैज्ञानिक तोषण ठाकुर ने गतिविधियों व आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। इसमें मुख्य तौर पर औषधीय व सुगंध वाले पौधे जैसे तुलसी, लेमन ग्रास, पाल्मा रोजा ग्रास की खेती व सोयाबीन फसल के घटते रकबे को बढ़ाकर पर्यावरण सहिष्णु किस्मों पर चर्चा की गई।

सुगंधित धान फसल के उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई: कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. केआर साहू ने कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इसमें सुगंधित धान फसल के उत्पादन को बढ़ाने संबंधित योजना बनाई गई। कृषि विज्ञान केंद्र दुर्ग के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. विजय जैन ने दुर्ग में विभिन्न फल, सब्जी, फूलों की खेती पर चर्चा कर लहसुन, खरीफ प्याज तथा गुलाब की खेती की जानकारी प्रदान की।

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