मध्य प्रदेशराज्‍य

5 दिन के MP मानसून सत्र में UCC से लेकर नए सख्त कानून तक, सरकार पेश करेगी 10 अहम विधेयक

By Admin|12 Jul 2026, 9:05 AM
f X W

भोपाल 
विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने अग्निशमन और कॉलोनी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। इनके ड्राफ्ट तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि किराएदारी विधेयक को फिलहाल विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जबकि इस विधेयक से मकानमालिक और किराएदारों के बीच विवाद रोकने में मदद मिलेगी। केन्द्र द्वारा मॉडल एक्ट बनाकर राज्य को करीब डेढ़ साल पहले भेजा जा चुका है। पिछले साल तक इसे लाने की कवायद भी की गई लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है। मानसून सत्र में इसके साथ समान नागरिक संहिता सहित 10 अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

Advertisement
Advertisement

मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय
नगरीय विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकाली सेवाएं विधेयक 2026 और कॉलोनी विकास विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। विभाग के एसीएस संजय दुबे के अनुसार, यह दोनों विधेयक मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। वहीं इस बार मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय के रूप में प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी पेश करने की पूरी तैयारी में है। इसको लेकर गठित समिति ने विधेयक के ड्राफ्ट भी लगभग तैयार कर लिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी इसकी घोषणा कई कार्यक्रमों में की है।

मानसून सत्र में यह विधेयक भी पेश करने की तैयारी में सरकार
कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ यूसीसी विधेयक के ड्राफ्ट को भी तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम यूसीसी को जुलाई में लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसलिए यह विधेयक आना तय हैं। इसके साथ प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक, कोचिंग संस्थान विनियमन, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज, वाणिज्यिक कर, श्रम और सिंहस्थ मेला संबंधी विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है।

READ ALSO  बाढ़ आपदा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार

कॉलोनी विकास और फायर एक्ट में यह होंगे प्रावधान

  • -यह कानून शहरों के साथ ग्रामीण और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी लागू।
  • – अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर अधिकतम 10 साल की सजा और 5 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • – कॉलोनाइजर को पांच साल में सड़क, बिजली, पानी, सीवेज सहित अन्य विकास कार्य करना होंगे।
  • – सभी कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और ऑनलाइन निगरानी बढ़ाई जाएगी। इससे खरीदार संपत्ति खरीदने के पहले ऑनलाइन यह देख सकेंगे कि कॉलोनी वैध है या अवैध।
  • – अवैध कॉलोनी को हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। यदि कॉलोनाइजर ऐसा नहीं करता है तो निकाय उसकी अवैध कॉलोनी को ढ़हाने के साथ जमीन अपने कब्जे में ले लेगा।
  • – अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने जिला कलेक्टर, निगम कमिश्नर, सहित अन्य अधिकारियों के साथ पार्षद और सरपंच आदि की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
  • – अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि संबंधित अधिकारी यह कार्रवाई नहीं करते तो शासन उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।

दमकल विभाग की बढ़ेगी पावर

  • – फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेने वालों पर 5 लाख रुपए तक पेनाल्टी, इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर 10 हजार रुपए प्रतिदिन पेनाल्टी लगाई जाएगी।
  • – आग बुझाने के काम में बाधक बन रही किसी इमारत को फायर अमला तोड़ सकेगा।
  • – आग बुझाने के लिए बिना अनुमति किसी भी निजी परिसर में प्रवेश किया जा सकेगा।
  • – निजी जलस्रोतों से भी आग बुझाने के लिए नि:शुल्क पानी लिया जा सकेगा, उसका मालिक इससे इंकार नहीं कर सकेगा।
  • – प्रॉपर्टी के मालिक को घटना से प्रभावित समीपस्थ प्रॉपर्टी को नुकसान की भरपाई करनी होगी।
  • – आग लगने की गलत सूचना पर 20 हजार तक जुर्माना।
  • – फायर टैक्स भी लिया जाएगा। प्रति आवासीय इकाई 180 रु. प्रतिवर्ष और कमर्शियल प्रॉपर्टी में इस राशि के अतिरिक्त संपत्ति कर का 10 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।
READ ALSO  सतना जिले के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित

अनुपूरक बजट भी होगा पेश
एमपी विधानसभा मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी विभाग नए वाहन खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नई मदों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए जाएंगे। इस बारे में वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश भी जारी किए जा चुके थे। वहीं विभाग ने सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव भी मांगे हैं, इनमें वे ही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृत किया गया हो।

पिछले मानसून सत्रों की तरह यह भी छोटा सत्र
बता दें कि विधान सभा का मानसून सत्र पिछले मानसून सत्रों की तरह ही इस बार भी छोटा रखा गया है। हालांकि माना जा रहा था कि यह 7 दिन का होगा। लेकिन 23 जून अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो जाएगा और 5 दिन तक यानी 24 जुलाई को संपन्न होगा।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins