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बिहार में सिंचाई संकट दूर करने की तैयारी, खेतों को मिलेगी 12 घंटे बिजली

By Admin|09 Jul 2026, 7:26 PM
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पटना
बिहार में सूखे जैसे हालात और सिंचाई की बढ़ती चुनौतियों के बीच राज्य सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एग्रीकल्चर फीडर के जरिए 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।

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सरकार के इस फैसले से खासतौर पर उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो बारिश की कमी के कारण सिंचाई को लेकर परेशान हैं। अब खेतों तक पर्याप्त बिजली पहुंचने से पटवन का काम आसान हो सकेगा।

सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट में मिलेगी बिजली
राज्य सरकार पहले से ही कृषि उपभोक्ताओं को बेहद रियायती दर पर बिजली उपलब्ध करा रही है। किसानों को कृषि कनेक्शन पर करीब 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है।

सरकार के अनुसार किसानों को बिजली दर में लगभग 93 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसका उद्देश्य खेती की लागत कम करना और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है।

2,700 से ज्यादा एग्रीकल्चर फीडर से होगी सप्लाई
बिहार में अब तक 2,700 से अधिक एग्रीकल्चर फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। इन फीडरों के जरिए सिंचाई के लिए अलग और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर खेत तक समय पर बिजली पहुंचे, ताकि फसल उत्पादन बढ़े और किसानों को डीजल पंप पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

सौर ऊर्जा से खेती को मिलेगा नया सहारा
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

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सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से किसानों को भविष्य में और सस्ती तथा स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।

पीएम सूर्य घर योजना को भी मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना के लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

इससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं और किसानों को सौर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

ग्रीन हाइड्रोजन नीति पर भी शुरू हुई तैयारी
बैठक में बिहार के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।

राशन कार्ड और पीडीएस व्यवस्था की भी समीक्षा
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

 

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