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अलीगंज अग्निकांड मामले में आईएएस, पीसीएस समेत 70 से ज्यादा अधिकारी जांच के दायरे में

By Admin|09 Jul 2026, 3:42 PM
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लखनऊ
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले की जांच ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है, जिससे नौकरशाही के गलियारों में हड़कंप मच गया है। पहली बार अवैध निर्माण और बड़े अग्निकांड में इंजीनियरों और कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रखने की बजाय आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में लाई गई है। एलडीए ने नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत नौ आईएएस और नौ पीसीएस अधिकारियों के नाम अग्निकांड की जांच कर रही एसआईटी को भेज दिए हैं।

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एसआईटी ने वर्ष 2016 से 2024 के बीच एलडीए में उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे कुछ अधिकारियों का पूरा ब्योरा मांगा था। इसके बाद शासन को सूची भेजी गई, जिसे एलडीए ने हाल ही में जांच एजेंसी को उपलब्ध करा दिया है। इस सूची में तमाम बड़े आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसमें से तीन आईएएस अफसर अलग अलग जिलों में डीएम के पद पर तैनात हैं।

नगर आयुक्त सहित तीन पूर्व उपाध्यक्षों के नाम भी भेजे गए
एसआईटी को भेजी गई सूची में लखनऊ के नगर आयुक्त गौरव कुमार का नाम भी शामिल हैं। गौरव कुमार एलडीए में करीब दो महीने ओएसडी के पद पर तैनात थे। उस दौरान तत्कालीन उपाध्यक्ष इन्द्रमणि त्रिपाठी ने उन्हें जोन तीन व जोन चार का प्रवर्तन व विहित प्राधिकारी का काम दिया था। इसके अलावा आईएएस अधिकारी एमपी सिंह, पवन गंगवार सचिव के पद पर तैनात थे। वर्तमान में यह अलग अलग जिलों में डीएम हैं। इनके अलावा अक्षय त्रिपाठी व शिवाकांत द्विवेदी उपाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। इसमें अक्षय त्रिपाठी एक जिले में डीएम हैं। जबकि शिवाकांत द्विवेदी रिटायर हो चुके हैं। आईएएस रितु सुहास प्राधिकरण में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात थी और वर्तमान में वह स्थानीय निकाय निदेशालय में अपर निदेशक हैं। सत्येंद्र सिंह यादव उपाध्यक्ष और श्रीशचंद्र वर्मा सचिव पद पर रहे हैं। लेकिन यह दोनों रिटायर हो चुके हैं। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिस भवन में अग्निकांड हुआ, उसके निर्माण, मानचित्र अनुमोदन, निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान किस स्तर पर लापरवाही या चूक हुई।

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एलडीए में तैनात इन पीसीएस अधिकारियों के नाम भी शामिल
मामले में मौजूदा समय में एलडीए में तैनात पीसीएस अधिकारियों विपिन शिवहरे, प्रभाकर सिंह, संगीता राघव और सुशील प्रताप सिंह के नाम भी एसआईटी को भेजे गए हैं। इसके अलावा पूर्व में तैनात रहे अमित राठौर, श्रद्धा चौधरी, प्रिया सिंह, डीके सिंह और वीबी मिश्रा का नाम भी सूची में शामिल है। यह सभी सीनियर पीसीएस अफसर हैं।

प्राधिकरण सेवा के इन अधिकारियों के नाम भी एसआईटी पहुंचे
प्राधिकरण सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में उप सचिव माधवेश कुमार, ओएसडी रविनंदन सिंह और ओएसडी राजीव कुमार के नाम भी भेजे गए हैं। इनके अलावा स्थानीय निकाय सेवा के उप सचिव अतुल कृष्ण सिंह का नाम भी जांच एजेंसी को भेजा गया है।

70 से अधिक इंजीनियर और अधिकारी भी घेरे में
एसआईटी को भेजी गई सूची में 52 जूनियर इंजीनियर और सहायक अभियंताओं के अलावा 14 अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी इन सभी की तैनाती अवधि, फाइलों पर की गई टिप्पणियों और कार्रवाई के रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी।

बड़े अफसरों में बढ़ी बेचैनी
अधिकारियों के नाम एसआईटी को भेजे जाने के बाद एलडीए और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के कई बड़े हादसों में कार्रवाई का दायरा निचले स्तर के कर्मचारियों और इंजीनियरों तक ही सीमित रहा, लेकिन इस बार जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शीर्ष स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है।

जब मांगा जाएगा तो हम अपना जवाब देंगे
लखनऊ नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि हमें इस मामले की जानकारी है। उत्तरदायित्व निर्धारण करने के लिए कम से कम 90 दिन काम करने का समय होना चाहिए। लेकिन हमने यहां केवल 11 दिन ही काम किया है। इतने कम समय में कोई क्या कर सकता है। जब मांगा जाएगा तो हम अपना जवाब देंगे।

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