छत्तीसगढ़

वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने की तैयारी, बस्तर में पहली बार आयोजित हुई टाइगर प्रोटेक्शन कार्यशाला

By Admin|03 Oct 2026, 6:34 PM
f X W

बस्तर में पहली बार संभाग स्तरीय टाइगर प्रोटेक्शन कार्यशाला का आयोजन

वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन कर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

​रायपुर, 
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप के विशेष मार्गदर्शन और निर्देशानुसार, बस्तर संभाग में वन्यप्राणियों के संरक्षण और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय कार्यशाला की शुरुआत हुई है। वन विद्यालय, जगदलपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। संभाग स्तर पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैदानी स्तर पर काम करने वाले वन कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।

​विशेषज्ञों ने दी बाघ संरक्षण और ट्रैकिंग की बारीकियां
प्रशिक्षण सत्र के दौरान राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य गौरव निलानी और एसडीओ योगेश रात्रे ने प्रेजेंटेशन के जरिए वन कर्मियों को वन्यजीव संरक्षण के गुर सिखाए। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
​बाघ की विशेषताएं, उनका रहन-सहन, क्षेत्र (Territory) की पहचान और उनका व्यवहार। ​बाघ और तेंदुए के पगमार्क (पैर के निशान) तथा अन्य फील्ड साइन्स  में अंतर करना। ​नर और मादा बाघ की पहचान, पगमार्क के पैड इंप्रेशन और फोटोग्राफिक पहचान की तकनीक।
​बाघ के शिकार करने के तरीके, खरोंच के निशान और क्षेत्रीय मार्किंग की पहचान।
​कैमरा ट्रैप और मैदानी निगरानी की आधुनिक तकनीकें। वन्यजीव अपराधों को रोकने और मुखबीर तंत्र को मजबूत करने के उपाय।
​
कार्यशाला के पहले दिन सैद्धांतिक जानकारी देने के बाद सभी प्रतिभागियों की एक परीक्षा भी आयोजित की गई, ताकि सीखे गए ज्ञान का आकलन किया जा सके। इस आयोजन का दूसरे दिन  फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज करवाया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को जंगल में जाकर पगमार्क और अन्य वन्यजीव संकेतों की पहचान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

READ ALSO  CG : विवेकानंद नगर से टैगोर नगर तक भक्तिमय वातावरण, 6 स्थानों पर चैत्य वंदन...

​कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक (बस्तर) सुस्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तम गुप्ता, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक गौतम नारायण पड़ीभार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button