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4.64 करोड़ हेराफेरी केस में ED की एंट्री, नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाले में जमीन बेचकर फंड गबन का आरोप

By Admin|04 Jul 2026, 11:42 AM
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 इंदौर
नवभारत गृह निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्रीकांत घंटे, उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र दुबे और संचालक मंडल के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अभियोजन पेश कर दिया है।

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घंटे और दुबे के साथ ईडी ने राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह को हाउसिंग सोसायटी के घोटाले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) में आरोपित बनाया है। आरोपितों पर नवभारत गृहनिर्माण सहकारी संस्था को 4.64 करोड़ रुपये की अवैध वित्तीय हानि पहुंचाने और सोसायटी का धन डायवर्ट कर हजम करने का आरोप है।

इससे पहले नवभारत और डाकतार गृहनिर्माण सोसायटी बनाकर घोटाला करने के आरोप में श्रीकांत घंटे और सुभाषचंद्र दुबे के साथ अन्य सदस्य पुलिस ओर ईओडब्ल्यू के निशाने पर भी आ चुके हैं। बीते वर्षों में ऑपरेशन क्लीन चलाकर जिला प्रशासन ने नवभारत संस्था में हुए घोटाले के खिलाफ कार्रवाई की थी।

जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके।

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ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है।

64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।

संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े
संस्था के इन कर्ताधर्ताओं ने संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े। इसके बाद असल सदस्यों को भूखंड ना देकर संस्था के सदस्यों के फंड से खरीदी जमीन को बाजार में बेच दिया। उस धन से अपने लिए संपत्ति खरीदी। इस मामले में एमजी रोड थाना में केस दर्ज हुआ था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। घंटे व भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड, इंदौर के अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं में वित्तीय अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी के आरोपों को जांच शुरू की। ईडी की जांच में एक सुनियोजित घोटाले का खुलासा हुआ। चार महीने पहले ईडी ने कार्रवाई करते हुए घंटे और सुभाषचंद्र दुबे की 64 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्तियां भी अटैच की थी।

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ईडी ने जांच में यह पाया
ईडी की जांच में आया कि यह सुनियोजित घोटाला था। इसमें नवभारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी, इंदौर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य शामिल थे। उन्होंने नव भारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से खरीदी गई जमीन को अलग-अलग संस्थाओं को बेचा। इससे मिले फंड का गबन कर संस्था के सदस्यों को धोखा दिया। साथ ही जमीन की बिक्री से प्राप्त आय के रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। अपराध की आय अर्जित की गई। अवैध रूप से गबन किए गए फंड को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग स्तरों पर जमा किया गया। बाद में अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।

परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे
आरोप है कि संस्था के सदस्यों के बजाय अपने परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे, जिससे संस्था को नुकसान पहुंचाया। जांच में पाया गया कि प्लॉट का आवंटन नियमों के विपरीत किया गया था।

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