छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : बाल विवाह पर सख्त हुई सरकार, सूरजपुर में दो मामलों में पॉक्सो के तहत होगी कार्रवाई …

By kadwaghut|16 May 2026, 10:00 AM
f X W

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सूरजपुर जिले में दो गंभीर प्रकरण सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

Advertisement
Advertisement

राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। पहले प्रकरण में भटगांव क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय बालिका के विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि बालिका का विवाह दिसंबर 2025 में मंदिर में कराया गया था, उस समय उसकी आयु मात्र 13 वर्ष 8 माह थी। विवाह के बाद से बालिका को लड़के के घर में पत्नी के रूप में रखा गया था। प्रशासन ने बालिका को तत्काल रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेंटर में संरक्षण प्रदान किया तथा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की।

दूसरे मामले में टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना मिली कि प्रेमनगर क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने कार्रवाई के डर से सुबह-सुबह विवाह संपन्न करा दिया और बालिका को ससुराल भेज दिया। बाद में संयुक्त टीम ने वर पक्ष के गांव पहुंचकर जांच की, जहां प्रारंभिक इंकार के बाद परिजनों ने विवाह होने की बात स्वीकार कर ली। बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा गया।

READ ALSO  सेवा संकल्प से पोषण माह तक, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गतिविधियों की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश

जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल एवं संयुक्त टीम द्वारा दोनों मामलों का प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित अधिकारियों को अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावकों, सहयोगियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। इसी उद्देश्य से गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान, स्कूलों में संवाद कार्यक्रम और समुदाय आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाया जा सके।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins