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200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, फिर भी इलाज अधूरा: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, निजीकरण की आशंका भी जताई

By kadwaghut|28 Jun 2026, 9:47 PM
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बिलासपुर। कोनी स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बने 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बावजूद अस्पताल आज तक अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि आधुनिक भवन तैयार होने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल से बिलासपुर संभाग के हजारों गरीब, किसान, मजदूर और आम लोगों को हृदय, किडनी, मस्तिष्क सहित गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद थी। लेकिन आज भी कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इसके चलते गंभीर मरीजों को सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ रहा है।

कांग्रेस के आरोप: कई जरूरी सुविधाएं अब तक नहीं

कांग्रेस का आरोप है कि अस्पताल में अब तक 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब, अत्याधुनिक एंबुलेंस, पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ही गंभीर मरीजों का उपचार करने में सक्षम नहीं है, तो इसका लाभ आम जनता को कब मिलेगा।

डेढ़ साल बाद भी अस्पताल पूरी तरह शुरू नहीं

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 29 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री ने अस्पताल का लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद करीब डेढ़ वर्ष बाद भी अस्पताल पूरी तरह संचालित नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि केवल भवन का निर्माण और उद्घाटन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

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सरकार से ये मांगें

कांग्रेस ने सरकार से अस्पताल में तत्काल ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और अन्य आवश्यक उपकरण स्थापित करने की मांग की है। साथ ही नियमित विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती कर 24 घंटे इमरजेंसी सेवा तथा अत्याधुनिक एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

निजीकरण को लेकर भी जताई चिंता

अस्पताल का नाम दिवंगत वरिष्ठ नेता दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखे जाने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उनके नाम की गरिमा बनाए रखने के लिए अस्पताल का पूर्ण संचालन जरूरी है। साथ ही बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से भी अपील की गई कि यदि भविष्य में अस्पताल के निजीकरण का कोई प्रयास होता है, तो वे जनता के हित में स्पष्ट रुख अपनाएं।

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