छत्तीसगढ़

CG : ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम : 22 ग्राम पंचायतों में चार प्रकार के कचरे का होगा पृथक संग्रहण …

By kadwaghut|27 Jun 2026, 4:25 PM
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एमसीबी । स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू होने तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अधीन पारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले की 22 ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण के तहत चार प्रकार के अपशिष्टों को गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष जोखिमपूर्ण अपशिष्ट का पृथक संग्रहण किया जाएगा। इस पहल में जिले की 3 एनजीटी प्रभावित तथा 5 पर्यटन स्थल वाली पंचायतों सहित चयनित ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।

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इस व्यवस्था के लागू होने से गांवों में स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने, अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा उनके सुरक्षित भंडारण और निस्तारण को सुगम बनाया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर से पृथक कचरा संग्रहण कर उसे निर्धारित श्रेणियों के अनुसार संसाधित किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

इस नई व्यवस्था के कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। इससे हवा, पानी और मिट्टी के प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। अपशिष्टों से खाद, बायोगैस और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे संसाधनों की पुनः प्राप्ति संभव होगी। कूड़े के ढेरों में कमी आएगी और गांव अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बन सकेंगे। इसके साथ ही सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसमें अपशिष्ट को संसाधन के रूप में उपयोग कर खाद, बायोगैस, रिसाइक्लिंग और आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकेंगे।

खुले में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना

ग्राम पंचायतों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यवस्था लागू किए जाने के बाद यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकता है अथवा गंदगी फैलाता है तो उसके विरुद्ध पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

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कचरा जलाने पर भी रहेगा प्रतिबंध

ग्राम पंचायतों द्वारा जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने तथा कचरे को खुले में जलाने पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रथम चरण में चयनित ग्राम पंचायतें

जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत – बहरासी, भगवानपुर, भरतपुर, चिड़ौला, घाघरा, हरचौका, कोटाडोल एवं उमरवाह। जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत – धनपुर, खड़गवां, कोंडागी, पीपरबहरा, पोड़ीडीह, रतनपुर एवं ठगगांव। जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ अंतर्गत- चैनपुर, चनवारीडांड, कठौतिया, लाई, लालपुर एवं परसगढ़ी।

उक्त सभी ग्राम पंचायतों को प्रथम चरण (फर्स्ट फेज) में शामिल किया गया है तथा अक्टूबर 2026 तक इन पंचायतों में चार श्रेणी आधारित अपशिष्ट संग्रहण एवं प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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