उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी निबंधन विभाग का नया आदेश, आधार कार्ड से नहीं होगा पारिवारिक संबंधों का सत्यापन

By Admin|26 Jun 2026, 6:51 PM
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लखनऊ
उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री वगैरह में आधार कार्ड को सिर्फ पहचान और पते का दस्तावेज माना जाएगा। उस पर दर्ज माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य संबंधों की जानकारी को रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यूपी में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब रजिस्ट्री कार्यालयों में आधार कार्ड को केवल पहचान और पते के प्रमाण के रूप में ही स्वीकार किया जाएगा। आधार कार्ड पर लिखी माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य पारिवारिक संबंधों की जानकारी को कानूनी रूप से रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। रिश्ते साबित करने के लिए दूसरे कागज देने होंगे।

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आदेश के अनुसार, जहां भी किसी आवेदन, योजना और विलेख में पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक होगा, वहां आवेदकों को वैध सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। रिश्ते की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, उत्तराधिकारी संबंधी अभिलेख या सरकार द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। अब तक कई मामलों में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान लोग आधार कार्ड पर दर्ज पारिवारिक जानकारी के आधार पर रिश्तों का सत्यापन करवा लेते थे। खास तौर पर विरासत, उत्तराधिकार या पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण के मामलों में आधार कार्ड का उपयोग किया जाता था। आगे से आधार कार्ड दिखाकर ऐसा करना बंद हो जाएगा।

आधार कार्ड सिर्फ पहचान और पते का दस्तावेज
महानिरीक्षक निबंधन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड केवल किसी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण है, न कि पारिवारिक संबंधों का। इसी स्पष्टीकरण के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

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रजिस्ट्री से पहले तैयार कराने होंगे दस्तावेज
नए नियम के लागू होने के बाद संपत्ति खरीदारों, विक्रेताओं और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में शामिल लोगों को रजिस्ट्री से पहले अपने संबंधों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे। यदि किसी मामले में पारिवारिक संबंध साबित करना आवश्यक होगा, तो केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं माना जाएगा। निबंधन विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और गलत दस्तावेजों या रिश्तों के आधार पर होने वाले विवादों पर भी अंकुश लगेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि रजिस्ट्री कराने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। अब फैमिली प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में इन नियमों का पालन किया जाएगा।

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