छत्तीसगढ़

सुगम भुगतान के लिए ई-केवाईसी कराने की दी गई सलाह

By Admin|21 Jun 2026, 10:11 AM
f X W

​रायपुर

Advertisement
Advertisement

 भविष्य की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में नारायणपुर जिला प्रशासन ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। जिले के सुदूर व अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत पीडियाकोट में आयोजित विशेष पेंशन भुगतान शिविर महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुशासन और सामाजिक सुधार का एक जीवंत उदाहरण बन गया। इस अनूठे शिविर ने जहाँ एक ओर वृद्धजनों और जरूरतमंदों के चेहरों पर डिजिटल सुरक्षा की मुस्कान बिखेरी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज की नई दिशा भी दिखाई।

​पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम: 'नॉन-डीबीटी' से 'डीबीटी' का सफर
     ​
पीडियाकोट में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना था। वनांचल क्षेत्र होने के कारण कई हितग्राही अब भी नॉन- डीबीटी (Non-DBT) श्रेणी में थे, जिन्हें सीधे बैंक खातों में राशि प्राप्त करने में कठिनाई आ रही थी। शिविर में मुस्तैद अधिकारियों और पंचायत कर्मियों ने​ हितग्राहियों के आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया। ​प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के महत्व को सरल भाषा में समझाया। सुरक्षित और त्वरित पेंशन भुगतान के लिए बैंक खातों से क्रेडेंशियल्स को लिंक करने तथा ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूर्ण करने की अनिवार्यता बताई।

निकटतम बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराए

​ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपनी निकटतम बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी का कार्य पूरा कराएं ताकि भविष्य में मिलने वाली पेंशन राशि बिना किसी मध्यस्थ या रुकावट के सीधे उनके खातों में हस्तांतरित हो सके।

READ ALSO  CG : दो दिन में मिले दो विशाल अजगर, लोगों में दहशत ...

​समस्याओं का मौके पर ही समाधान
   
 ​पेंशनधारियों ने इस पहल का स्वागत पूरे उत्साह के साथ किया। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और दूरियों की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में बुजुर्ग, दिव्यांग और कल्याणी बहनें शिविर स्थल पर पहुँचे। पंचायत स्तर पर ही प्रशासन को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा। अधिकारियों ने न केवल दस्तावेज जमा किए, बल्कि पेंशन से जुड़ी अन्य छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया। साथ ही, राज्य शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

गूंजी नशामुक्ति की शपथ
      ​
पीडियाकोट का यह शिविर केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। डिजिटल साक्षरता के इस मंच को 'नशा मुक्त भारत अभियान' के साथ जोड़कर एक बेहतरीन सामाजिक संदेश दिया गया। ​उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नशे के कारण टूटने वाले परिवारों, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के समापन पर एक भावुक और ऊर्जावान माहौल देखने को मिला, जब शिविर में मौजूद सभी पेंशनर्स, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हाथ उठाकर नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं को व्यसनों से दूर रखेंगे और अपने समाज को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

 शिविर आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की नींव

एक मिसाल बना पीडियाकोट ​दूरस्थ अंचलों में इस तरह के शिविरों का आयोजन यह साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो विकास और जागरूकता की किरण राज्य के अंतिम कोने तक आसानी से पहुँच सकती है। पीडियाकोट का यह सफल आयोजन न केवल पेंशनधारियों के डिजिटल सशक्तिकरण का जरिया बना, बल्कि इसने एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की नींव भी रख दी है।

READ ALSO  CG : JSPL यार्ड चोरी कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार ...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins