छत्तीसगढ़

औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

By Admin|20 Jun 2026, 10:02 PM
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रायपुर

किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।

किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर

कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया।

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कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।

औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

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बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।

सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।

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कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्षमती गोमती साय, जशपुर विधायकमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव,  नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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