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बिजली संकट से परेशान भोपाल, एक महीने में करीब 15 हजार बार गई लाइट; उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें

By Admin|16 Jun 2026, 9:03 PM
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भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली कंपनी द्वारा साल भर चलाए जाने वाले 'मेंटेनेंस' के दावों की पोल खुल गई है। बिजली कटौती से बेहाल भोपालवासियों को इस साल मई के भीषण गर्मी वाले महीने में रिकॉर्ड तोड़ पावर कट का सामना करना पड़ा। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा एक्सेस की गई डिस्कॉम की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले मई महीने में शहर में कुल 14,974 बार बिजली गुल हुई। इसका औसत निकाला जाए तो शहर में हर तीन मिनट में एक बार बिजली कटौती दर्ज की गई।

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हर 6 मिनट में लंबी कटौती
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, कुल कटौतियों में से 6,896 बिजली कट ऐसे थे जो 5 मिनट से ज्यादा समय तक खिंचे। यानी करीब हर साढ़े छह मिनट में शहर के किसी न किसी हिस्से में लंबी बिजली कटौती हुई। हालांकि, मई 2025 (18,767 पावर कट) की तुलना में इस बार का आंकड़ा थोड़ा कम है, लेकिन पिछले साल मई में भारी बारिश और तूफान थे। इस साल बिना किसी बड़े मौसम बदलाव के इतनी बड़ी संख्या में ट्रिपिंग होना डिस्कॉम के मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इन इलाकों में सबसे बुरा हाल
फीडर-वार आंतरिक आंकड़ों से पता चला है कि भोपाल के नबी बाग फीडर में मई के दौरान सबसे ज्यादा 107 बार ट्रिपिंग हुई। इसके बाद मालीखेड़ी में 105 और विश्वकर्मा नगर में 97 बार बिजली गुल हुई। सीटीओ और आदमपुर फीडर में भी 95-95 बार ट्रिपिंग दर्ज की गई।

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वीआईपी फीडर रहे पूरी तरह सुरक्षित
हैरानी की बात यह है कि जहां आम जनता वोल्टेज के उतार-चढ़ाव और कटौती से जूझ रही थी, वहीं शहर के 514 फीडर में से 36 फीडर ऐसे थे जहां एक बार भी ट्रिपिंग नहीं हुई। इनमें राज्य सचिवालय (वल्लभ भवन), भोपाल कलेक्टरेट और कुछ प्रीमियम आवासीय इलाके शामिल हैं। दूसरी ओर, डिस्कॉम के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भोपाल की भौगोलिक स्थिति और हरियाली के कारण पेड़ की शाखाएं ओवरहेड लाइनों पर गिर जाती हैं, जिससे यह ट्रिपिंग होती है।

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