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डॉग बाइट रोकने की पहल: 32 हजार से ज्यादा कुत्तों का बंध्याकरण, अब सेल्टर होम में होगी देखभाल

By Admin|12 Jun 2026, 7:04 PM
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 धनबाद
 धनबाद के आवारा कुत्तों का आश्रय गृह अब चाकुलिया होगा क्योंकि धनबाद में डॉग लवर नहीं है और न हीं ऐसी कोई संस्था जो आवारा कुत्तों के लिए कार्य करती है।

नगर निगम ने ऐसी संस्था को ढ़ूढने के लिए खूब पसीना बहाया पर न केवल जिले बल्कि आस-पास के जिलों में भी ऐसी कोई संस्थान नहीं मिली।

जिसके बाद नगर निगम ने शहर के आवारा कुत्तों को चाकुलिया के डॉग सेल्टर होम में भेजने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य है कि आवश्यकता अनुसार आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर होम में भेजने से उपचार एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो पाएगी।

नगर निगम धनबाद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण, डॉग बाइट की घटनाओं में कमी तथा रेबीज उन्मूलन के उद्देश्य से एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से कर रहा है।

नगर निगम ने अब तक लगभग 32,046 आवारा कुत्तों का बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन) कर उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन दे चुका है। इसके साथ ही प्रतिदिन औसतन 25 कुत्तों को विभिन्न क्षेत्रों से पकड़कर उनका बंध्याकरण एवं टीकाकरण कराया जा रहा है।

एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम, 2023 एवं निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप आवारा कुत्तों का बंध्याकरण, टीकाकरण एवं उपचार किया जा रहा है तथा उन्हें उनके मूल स्थान पर सुरक्षित छोड़ा जा रहा है।

डॉग बाइट के मामलों में कमी लाने हेतु पोस्ट बाइट एंटी रेबिज वेक्सिनेशन व्यवस्था सुदृढ़ रूप से संचालित किया जा रहा है। साथ ही प्रीवेंशन एंटी रेबिज वेक्सिनेशन अभियान भी चलाया जा रहा है।

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55 स्थलों को फीडिंग जोन के रुप में किया है अधिसूचित
नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों के सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु कुल 55 स्थलों को फीडिंग जोन के रूप में अधिसूचित किया गया है। जहां ही डॉग फीडिंग की व्यवस्था की गई है।
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इन स्थलों पर स्वच्छता एवं व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि चिह्नित फिडिंग जोन के अतिरिक्त अन्यत्र डॉग फीडिंग किए जाने पर झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

यह अभियान सतत प्रक्रिया है। जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि शहर में आवारा कुत्तों से संबंधित समस्याओं का प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

सेल्टर होम में आवारा कुत्तों का उपचार एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था है। धनबाद में काफी प्रयास के बाद भी डॉग लवर संस्था नहीं मिला। शहर के नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए आवारा कुत्तों को चाकुलिया डॉग सेल्टर होम भेजने का निर्णय लिया गया है।
आशीष गंगवार, नगर आयुक्त

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