मध्य प्रदेशराज्‍य

चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धि: बीएमएचआरसी में 12 किलो वजनी ओवरी ट्यूमर का सफल ऑपरेशन

By Admin|08 Jun 2026, 8:09 PM
f X W

बीएमएचआरसी में 12 किलो के जटिल ओवरी ट्यूमर की सफल सर्जरी 

Advertisement
Advertisement

-बड़ी आंत, पेशाब की नली और प्रमुख रक्त वाहिकाओं के निकट था ट्यूमर, पांच घंटे चला ऑपरेशन

 भोपाल 
 भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अंडाशय के कैंसर (ओवरी कैंसर) से पीड़ित 60 वर्षीय गैस पीड़ित महिला की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। महिला के शरीर में विकसित ट्यूमर का आकार लगभग 12 किलो तक पहुंच गया था और वह ओवरी से फैलकर पेट के अन्य हिस्सों तक पहुंच चुका था। ट्यूमर के अत्यधिक बड़े आकार और कई महत्वपूर्ण अंगों से चिपके होने के कारण यह सर्जरी अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाली थी। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
बीएमएचआरसी के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम ने बताया कि मरीज पिछले लगभग तीन वर्षों से इस समस्या से जूझ रही थी। शुरुआती दो वर्षों तक बीमारी का पता नहीं चल पाया। बाद में पेट का आकार बढ़ने, भारीपन और तकलीफ होने पर जांच कराई गई। सीटी स्कैन में पता चला कि पेट में अत्यंत बड़ी गांठ मौजूद है, जो बड़ी आंत, पेशाब की नली तथा पेट की प्रमुख रक्त वाहिकाओं के अत्यंत निकट और उनसे चिपकी हुई थी।
उन्होंने बताया कि ट्यूमर के कारण मरीज को हर्निया भी हो गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। ट्यूमर कई महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ा होने के कारण ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा था। मरीज को मधुमेह (डायबिटीज) भी थी, जिससे सर्जरी का जोखिम और बढ़ गया था। ट्यूमर के कुछ हिस्सों में रक्त प्रवाह प्रभावित होने के कारण संक्रमण और पस बनने की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी। समय पर सर्जरी नहीं होने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता था, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था। डॉ. गौतम ने बताया कि करीब पांच घंटे चली इस जटिल सर्जरी के दौरान चिकित्सकों की टीम ने सावधानीपूर्वक ट्यूमर को हटाया। सर्जरी में एनेस्थीशियोलॉजी विभााग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संध्या इवने ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सर्जरी करने वाली टीम में सीनियर रेजिडेंट डॉ ऋषि आथ्या, डॉ श्रेया भारद्वाज, डॉ जेश्ना और जूनियय रेजिडेंट डॉ आशीष वैद्य शामिल थे।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए उच्च स्तर की विशेषज्ञता, अनुभव और विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता होती है, जो बीएमएचआरसी के विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में गंभीर एवं जटिल बीमारियों के लिए उन्नत, समग्र और विशेषज्ञ उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
पैंक्रियाज़ कैंसर मरीज को मिली राहत : बीएमएचआरसी के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में पैंक्रियाज़ कैंसर से पीड़ित 60 वर्षीय पुरुष की भी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम ने बताया कि कैंसर पैंक्रियाज़ से बढ़कर पोर्टल वेन नामक महत्वपूर्ण रक्त वाहिका तक पहुंच गया था, जिससे सर्जरी अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गई थी। ऑपरेशन के दौरान छोटी सी चूक भी मरीज के लिए घातक साबित हो सकती थी। चिकित्सकों की टीम ने सावधानीपूर्वक सर्जरी कर ट्यूमर हटाया। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का निःशुल्क उपचार किया गया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार है और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

READ ALSO  UP में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, फर्रुखाबाद-गोरखपुर समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins