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CG : 108 सरकारी स्कूल बनेंगे उत्कृष्ट विद्यालय, DPI ने मांगी स्टाफ और संसाधनों की रिपोर्ट …

By kadwaghut|04 Jun 2026, 3:24 PM
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रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 108 सरकारी स्कूलों को स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन स्कूलों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से चयनित स्कूलों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

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जानकारी के अनुसार, स्कूलों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वीकृत एवं रिक्त पदों, शिक्षकों की संख्या और अन्य संसाधनों का ब्यौरा 5 जून तक संचालनालय को भेजना होगा। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

निजी स्कूलों जैसी सुविधाओं पर जोर
राज्य सरकार की योजना चयनित विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कक्षाएं, बेहतर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

सबसे ज्यादा स्कूल बिलासपुर संभाग में
उत्कृष्ट विद्यालय योजना के लिए प्रदेश के पांचों संभागों से कुल 108 स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें सबसे अधिक 32 विद्यालय बिलासपुर संभाग से शामिल किए गए हैं। इसके अलावा दुर्ग संभाग के 26, रायपुर संभाग के 25, बस्तर संभाग के 20 और सरगुजा संभाग के 5 विद्यालयों का चयन किया गया है।

रायपुर संभाग के 25 स्कूल शामिल
रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों के 25 विद्यालयों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें मरदा, कोसमंदी, केसदा, रामसागरपारा, कसडोल, बेलसोंडा, बी.के. बाहरा, मेघा, बिरगुड़ी, कोपरा, सीनापाली, गोहरापदर, देवरी, मंडापुरी, पोंड, सरोरा, संजयनगर और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी रायपुर के विद्यालय प्रमुख हैं।

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बिलासपुर संभाग के 32 विद्यालयों का चयन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, मुंगेली, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के 32 विद्यालय इस योजना का हिस्सा बने हैं। इनमें सकोला, कोरजा, सेमरदरी, कोथारी, कोरबी धतूरा, दंगोरी, शिवतराई, बोरसी, किरारी, भोजपुर, पोरथा, फगुरम, फारेस्टपुर, जुटमिल, सेंगालपाली, बरगढ़, देवगढ़, हाटी, गुड़ेली और खुरसुला शामिल हैं।

दुर्ग संभाग के 26 विद्यालय होंगे अपग्रेड
बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव और दुर्ग जिले के 26 विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित स्कूलों में बघमरा, कुंगांगोंदी, चंदनबिहरी, जेंवरा, कोरेसरा, सिंघारी, पानाबरस, तुलसीपुर, खैबा, बघेरा, धमधा और गोडपेंड्री शामिल हैं।

बस्तर और सरगुजा के स्कूलों को भी मिलेगा लाभ
बस्तर संभाग के 20 विद्यालयों में बीजापुर, बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और सुकमा जिले शामिल हैं। वहीं सरगुजा संभाग से करंजी, रघुनाथपुर, बंदना, सनावल और परसागुड़ी स्थित 5 विद्यालयों का चयन किया गया है।

जल्द शुरू होगी पदस्थापना प्रक्रिया
DPI ने स्पष्ट किया है कि चयनित विद्यालयों में रिक्त पदों और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा के बाद आवश्यक शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराना है।

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