मध्य प्रदेशराज्‍य

मौसम और प्राकृतिक खतरे को लेकर अलर्ट, लू-तापघात व सर्पदंश से बचाव के लिए जारी परामर्श

By Admin|02 Jun 2026, 10:34 AM
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लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश से बचाव के लिये परामर्श जारी

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भोपाल 

मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग, द्वारा प्रदेश में लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश जैसी मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से संचार माध्यमों से जनजागरूकता करते हुए परामर्श दिया जा रहा है।

सचिव (गृह) एवं समन्वयक मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्रीमती कृष्णावेणी देशावतु ने बताया कि विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आमजन तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुँचाए जा रहे हैं, जिससे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकाधिक नागरिकों को समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान का उद्देश्य लोगों में जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में बढ़ता तापमान लू-तापघात की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनने तथा शरीर में जल की कमी न होने देने संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

मानसून अवधि में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ अनेक बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इस संबंध में नागरिकों को सलाह दी गई है कि मौसम में अचानक परिवर्तन, तेज गर्जना एवं बिजली की चमक को संभावित खतरे के संकेत के रूप में गंभीरता से लें। ऐसे समय में खुले स्थानों, खेतों, जलाशयों, विद्युत खंभों तथा बड़े वृक्षों के नीचे रुकने से बचें तथा सुरक्षित भवनों में शरण लें। नागरिकों को आकाशीय बिजली संबंधी पूर्व चेतावनी प्राप्त करने के लिए “दामिनी” मोबाइल ऐप के उपयोग के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है। किसानों एवं पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

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वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जलभराव एवं प्राकृतिक आवास प्रभावित होने के कारण साँप मानव बस्तियों के समीप आ सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखना, झाड़ियों एवं कबाड़ को हटाना, जूते एवं कपड़ों को उपयोग से पूर्व सावधानीपूर्वक जांचना तथा खेतों, जंगलों एवं जल स्रोतों के समीप अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। सर्पदंश की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाने तथा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास अथवा अप्रमाणित उपचार से बचने की सलाह दी गई है।

मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्शों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा संकट की स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें।

सतर्कता, जागरूकता एवं समय पर अपनाई गई सावधानियाँ जनहानि एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से राज्य स्तर पर निरंतर जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

 

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