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CG : गोलबाजार-नयापारा, डबरी, बंजारी चौक, रविभवन नशा का अड्डा …

By kadwaghut|01 Jun 2026, 12:39 PM
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रायपुर । राजधानी रायपुर में सराफा से लगे मोहल्लों नया पारा,डबरी, गोल बाज़ार,पेटी लाइन, चूड़ी लाइन, बंजारी चौक, एडवर्ड रोड इलाकों में खुलेआम नशाखोरों को पुलिस से डर बिलकुल नहीं लगता है । वहां खुलकर नशाखोरी हो रही है । सूखा नशा गांजे का न,शा टैबलेट का नशा, सिरप का नशा, छुटभैया नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए मंथली पैसा वसूली नशा कारोबारियों से सीधा करते हैं और पुलिस के लिए भी दलाली करते हैं । ऐसा ही नया पारा, डबरी के युवाओं का कहना है। छुटभैया पार्षद स्तर के नेता खुलेआम पूरे मोहल्ले में नशे का रैकेट चला रहे है। बंजारी चौक से गोल बाज़ार होते हुए नया पारा, डबरी तक नशे का कारोबार खुलकर चल रहा था जिस पर विगत दो सालों में नया पारा, डबरी के इलाकों से सीरप के कारोबारी के अलावा किसी को भी नहीं पकड़ा गया । बंजारी चौक इलाक़े में भी नशे का कारोबार छुटभैया नेता के साथ मिलीभगत में हो रहा है और बंजारी चौक, गोल बाज़ार चौकी, एडवर्ड रोड, हलवाई लैन और डबरी इलाक़ा प्रमुख नशे का गढ़ बना हुआ है।

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पुलिस लगातार पिछले दो माह से सूखे नशे के सौदागरों और सप्लायरों पर कड़ी निगरानी करते हुए उनके गिरोह का फंडाफोड़ कर चुकी है। बीते माह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी मामले में पुलिस ने दिल्ली से 2 आरोपियों को पकड़ा था। आरोपी ‘प्रोफेसर गैंग’ से जुड़े हुए थे। इन आरोपियों ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली में एक्टिव कुख्यात ‘भूतनाथ गैंग’ से ड्रग्स लेकर कोरियर सर्विस के जरिए रायपुर और दूसरे शहरों में सप्लाई करते थे। जांच में यह भी पता चला है कि ‘भूतनाथ’ नाम का आरोपी विदेशी नागरिक है, जो नाइजीरियन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स सिंडिकेट के मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा दिल्ली में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। ये दोनों आरोपी कोरियर के जरिए एमडीएमए, पार्टी पिल्स और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स रायपुर भेजते थे। रायपुर में ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से ड्रग्स की डिलीवरी की जा रही थी। बता दें कि इससे पहले भी रायपुर पुलिस ने ‘प्रोफेसर गैंग’ और नाव्या मालिक जैसे मामलों में कार्रवाई करते हुए इसी नेटवर्क की कड़ियां उजागर की थीं।

पुलिस के मुताबिक ‘भूतनाथ’ नाम से पहचाना जाने वाला आरोपी असल में एक विदेशी नागरिक है, जो दिल्ली से इस पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहा था। यह गैंग नाइजीरियन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।एमडीएमए, कोकीन जैसे महंगे नशीले पदार्थों की सप्लाई छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में करता है। दिल्ली के पटपड़गंज और महिपालपुर इलाके इसके ऑपरेशन के मुख्य ठिकाने बताए जा रहे हैं। लोकल और विदेशी नागरिकों की मदद से इस सिंडिकेट को चलाया जा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, इस ड्रग्स नेटवर्क की जड़ें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई हैं। ड्रग्स की खेप दुबई से भारत भेजी जाती है। गुजरात में रिफाइनिंग के बाद दिल्ली पहुंचती है। फिर ‘भूतनाथ गैंग’ के जरिए कोरियर नेटवर्क से रायपुर और अन्य राज्यों में सप्लाई होती है। इस पूरे नेटवर्क में कोडवर्ड, फर्जी पहचान और डिलीवरी एजेंट्स का इस्तेमाल किया जाता था।

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि, ड्रग्स सप्लाई के लिए कोरियर बॉक्स, डिजिटल पेमेंट और लोकेशन शेयरिंग जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे पुलिस को चकमा देने की कोशिश की जाती थी। ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से हो रही थी डिलीवरी पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि, आरोपी ‘Dead Drop System’ का इस्तेमाल कर रहे थे। इस सिस्टम में ड्रग्स को सुनसान स्थानों पर रखकर उसकी लोकेशन और वीडियो ग्राहकों को भेज दी जाती थी। ग्राहक वहां से जाकर ड्रग्स उठा लेते थे। रैपिडो राइडरों का इस्तेमाल पुलिस के अनुसार, सिंडिकेट के सदस्य कोरियर लॉजिस्टिक और रैपिडो बाइक सर्विस का इस्तेमाल करते थे। दिल्ली से कोरियर के जरिए ड्रग्स रायपुर भेजा जाता था। इसके बाद आरोपी कुणाल मंगतानी उसे रिसीव कर रैपिडो राइडरों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर रखवाता था। ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल किया गया कोरियर बॉक्स जब्त किया गया। ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल किया गया कोरियर बॉक्स जब्त किया गया। 6 साल में 50+ आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की ड्रग्स जब्त रायपुर पुलिस ने बीते 6 साल में ड्रग्स के खिलाफ बड़े अभियान चलाते हुए 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करोड़ों रुपए की ड्रग्स जब्त की गई। पंजाब के एक मास्टरमाइंड को भी पकड़ा गया। इसके बावजूद नाइजीरियन गैंग और उससे जुड़े सिंडिकेट पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। युवाओं को टारगेट कर रहा नेटवर्क पुलिस का कहना है कि, यह सिंडिकेट खासतौर पर युवाओं को निशाना बना रहा है। सोशल मीडिया, कोडवर्ड और पार्टी कल्चर के जरिए नशे का जाल फैलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें, ताकि इस खतरनाक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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