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बिहार में NIA का हाई अलर्ट ऑपरेशन, किशनगंज जनता हाट में छापेमारी से मचा हड़कंप

By Admin|29 May 2026, 5:41 PM
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किशनगंज.

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ब‍िहार के सीमांचल के क‍िशनगंज जिला अंतर्गत पोठिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर पंचायत के जनता हाट इलाके में शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एनआईए की टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) और अन्य सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने जनता हाट निवासी मनोज रविदास, पिता लखन रविदास, के घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कई घंटों तक चली और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया।

कई घंटों तक चली तलाशी, युवक को साथ ले गई टीम
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह अचानक बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के पहुंचने से गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जवानों ने घर के अंदर और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली। दस्तावेजों, मोबाइल उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई। छापेमारी के दौरान मनोज रविदास को टीम अपने साथ लेकर चली गई। हालांकि, उसे किस आधार पर हिरासत में लिया गया, इस पर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। कार्रवाई के बाद से पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।

संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग और इनपुट की चर्चा
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा बनी हुई है कि जांच एजेंसियों को कुछ संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग और संचार से जुड़े इनपुट मिले थे। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर एनआईए ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी सुरक्षा एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एनआईए की कार्रवाई आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में की जाती है। ऐसे में इस कार्रवाई को भी संवेदनशील जांच के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

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सामान्य परिवार से जुड़ा है मामला, ग्रामीणों में हैरानी
जानकारी के अनुसार, मनोज रविदास जनता हाट में चप्पल की दुकान चलाता है, जबकि उसके पिता लखन रविदास खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवार के सदस्य स्तब्ध हैं और किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और उन्हें इस तरह की कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। छापेमारी के बाद से परिवार और आसपास के लोग मानसिक तनाव में हैं।

गांव में बढ़ी हलचल, बड़ी संख्या में जुटे लोग
छापेमारी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। गांव में कई घंटों तक भीड़ और चर्चा का माहौल बना रहा। लोग अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहे हैं, लेकिन किसी के पास ठोस जानकारी नहीं है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण पूरे इलाके को नियंत्रित रखा गया और किसी को भी घर के आसपास अनावश्यक रूप से जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जांच एजेंसियां पूरी तरह सतर्क, आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल एनआईए और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से जांच रही हैं और सभी पहलुओं की गहन छानबीन की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी बड़े नेटवर्क या संवेदनशील इनपुट से जुड़ी हो सकती है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।

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ग्रामीणों की निगाहें जांच के अगले कदम पर
घटना के बाद जनता हाट और आसपास के क्षेत्रों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल है। लोग अब जांच एजेंसियों के अगले कदम और आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहे हैं। पूरा मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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