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35 साल बाद फिर जुड़ेगा रेल लिंक, बालोतरा–पचपदरा रूट को हरी झंडी

By Admin|28 May 2026, 7:41 PM
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बालोतरा

राजस्थान में बालोतरा से पचपदरा को रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. रेलवे ने बालोतरा से पचपदरा को जोड़ने वाली नई लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है. राजस्थान के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी के लिए बालोतरा से पचदरा तक 11 किमी नई लाइन के सर्वे के लिए 33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. यह रेल लाइन पचपदरा को बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी. साथ ही क्षेत्र का जोधपुर और अहमदाबाद व दिल्ली-जयपुर की ओर भी सम्पर्क स्थापित होगा.

सर्वे काम पूरा होने के बाद बनेगी DPR
बालोतरा से पचपदरा तक प्रस्तावित रेल रूट इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा. इस नई रेल लाइन के निर्माण से पचपदरा स्थित रिफ़ाइनरी तक रेल मार्ग के माध्यम से पहुंच और सुगम होगी. साथ ही रोज़गार, व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए नए परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा.

11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) पूरा होने के बाद परियोजना की वित्तीय और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर DPR तैयार कर कार्य स्वीकृत रेलवे बोर्ड स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी.

35 साल पहले इस मार्ग पर चलती थी ट्रेन
इस मार्ग पर लगभग 35 साल पहले ट्रेन चला करती थी, जिसे 1992 में बंद कर दिया गया था और बाद में रेलवे ट्रैक भी हटा लिया गया था. इस पुरानी ट्रेन की कहानी पचपदरा के नमक उद्योग से जुड़ी है. सैकड़ों सालों से नमक उत्पादन का केंद्र रहे पचपदरा में, स्थानीय नगर सेठ गुलाब चंद के आग्रह पर तत्कालीन अंग्रेज़ सरकार ने 1939 में बालोतरा से पचपदरा साल्ट तक एक रेलवे ट्रैक बिछाया था.

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इस ट्रेन में नमक लदान के लिए वैगन के साथ दो यात्री कोच भी जोड़े गए थे. पचपदरा साल्ट की नमक खदानों से हज़ारों टन नमक रोज़ाना इसी ट्रेन से ढोया जाता था.1990 की बाढ़ में रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद ट्रेन बंद कर दी गई थी.

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