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CG : सुशासन का पहिया: सरस्वती सायकल योजना से संवर रहा छत्तीसगढ़ की बेटियों का भविष्य …

By kadwaghut|11 Jul 2026, 3:50 PM
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रायपुर : सरस्वती साइकिल योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना और उन्हें स्कूल तक आवागमन की सुविधा प्रदान करना है। इसके तहत शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा (BPL) से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल दी जाती है l

       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन सरकार ने एक ऐसी पहल की है, जिससे बेटियों के हौसलों को नए पंख मिल गए हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने के मात्र एक महीने के भीतर, जुलाई माह में ही, पात्र छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत निशुल्क सायकल का वितरण किया जा रहा है। यह त्वरित फैसला पालकों, शिक्षिकाओं और स्वयं छात्राओं के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो रहा है।

​पैदल सफर से मिली मुक्ति, अब सायकल से नापेंगी दूरी

   सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ​शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सारंगढ़ की कक्षा 9वीं की छात्रा छोटी यादव की कहानी जिले की सैकड़ों बेटियों का प्रतिनिधित्व करती है। छोटी को अपने गांव झरपडीह से 3 किलोमीटर दूर स्कूल आने के लिए हर रोज पैदल सफर तय करना पड़ता था। तपती धूप और बारिश में पैदल चलना थका देने वाला होता था, लेकिन अब उसकी यह परेशानी दूर हो चुकी है। निशुल्क सायकल पाकर छोटी के चेहरे पर आई मुस्कान उसकी खुशी और राहत को साफ बयां करती है।

       ​छोटी की तरह ही ग्राम बासीनबहरा की छात्रा आकांक्षा रात्रे और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली दीक्षा सिदार जैसी अनेक बालिकाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। अब इन्हें 2 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल तय नहीं करना पड़ेगा। छात्राओं  का कहना है कि सायकल मिलने से समय भी बचेगा और मैं बिना थके अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। सरकार की इस मदद के लिए हम सभी छात्रा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती हूँ।

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​पालकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

      ​जुलाई का महीना किसानों के लिए खेती-किसानी और धान बोआई का समय होता है। ऐसे वक्त में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई और सायकल खरीदने का अतिरिक्त खर्च उठाना एक बड़ी चिंता होती थी। सरकार द्वारा सत्र के शुरुआत में ही सायकल उपलब्ध करा देने से पालकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। अब उन्हें बेटी की पढ़ाई या आवागमन के साधनों के लिए कर्ज लेने या अनावश्यक खर्च करने की चिंता से मुक्ति मिल गई है।

​सुव्यवस्थित वितरण और योजना का उद्देश्य

     ​जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ ब्लॉक में सायकल के पार्ट्स को असेंबल (फिटिंग) कर स्कूलों के माध्यम से सीधे छात्राओं तक पहुँचाया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगढ़ में 150 पात्र बालिकाओं को सायकल का वितरण किया जा चुका है।

​एक नज़र में योजना का लक्ष्य

       शासकीय एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 9 वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा के नीचे (BPL) परिवार की छात्राएं को सायकल वितरण किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शाला तक आवागमन की सुगम सुविधा प्रदान करना है। इससे स्कूल ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

    ​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल से न सिर्फ बेटियां समय पर स्कूल पहुँच रही हैं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। ‘सरस्वती सायकल योजना’ छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और सुशासन की एक जीवंत मिसाल बनकर उभर रही है।

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