छत्तीसगढ़

CG : पटवारी की पत्नी का वन अधिकार पट्टा निरस्त …

By kadwaghut|27 May 2026, 12:16 PM
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बीजापुर। जिले में व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा निरस्तीकरण का मामला सामने आया है। जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने ग्राम कुटरू निवासी साधना चिडिय़ाम का व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र निरस्त कर दिया है। साधना चिडिय़ाम एक पटवारी की पत्नी बताई जा रही हैं। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार साधना चिडिय़ाम, पति भानुप्रताप चिडिय़ाम को अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत ग्राम कुटरू के खसरा एवं वन कम्पार्टमेंट नंबर 49/2 की 2.023 हेक्टेयर भूमि पर व्यक्तिगत वन अधिकार (आईएफआर) मान्यता पत्र प्रदान किया गया था। बताया गया है कि उक्त भूमि के निरस्तीकरण के लिए ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा ग्राम सभा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद उपखंड स्तरीय वन अधिकार समिति से अनुमोदन मिलने के बाद प्रस्ताव जिला स्तरीय वन अधिकार समिति को भेजा गया। एक अप्रैल 2026 को आयोजित जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में मामले की समीक्षा की गई। इसके बाद पूर्व में जारी व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। आदेश कलेक्टर एवं जिला स्तरीय वन अधिकार समिति के अध्यक्ष की ओर से 14 मई 2026 को जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि डीएफओ बीजापुर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम भैरमगढ़, अधीक्षक भू-अभिलेख तथा तहसीलदार भैरमगढ़-कुटरू को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अनुसूचित जनजाति और परंपरागत वन निवासियों को वन भूमि पर खेती और उपयोग का अधिकार दिया जाता है। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार (आईएफआर) मान्यता पत्र जारी किया जाता है। नियमों के उल्लंघन या समिति की अनुशंसा के आधार पर जिला स्तरीय वन अधिकार समिति इसे निरस्त भी कर सकती है।

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