छत्तीसगढ़

सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़, हर घर जलेगा आशीर्वाद का दीया

By Admin|17 Sep 2026, 1:01 PM
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रायपुर : सेवा संकल्प अभियान में हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’, सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का प्रदेशवासियों से आह्वान, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, आभार और सकारात्मकता का दें संदेश

रायपुर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों से आह्वान किया है कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं और सेवा, समर्पण, आभार एवं सकारात्मकता के इस सामूहिक संकल्प का हिस्सा बनें।

          पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आशा, सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना का भी प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से हम अपने परिवार और समाज में सेवा की भावना को और मजबूत करने का संकल्प ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम जब प्रदेश के घर-घर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब यह दृश्य जनभागीदारी की शक्ति और सामूहिक संकल्प की भावना का संदेश देगा।

          उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल दीप जलाने की पहल तक सीमित न रखें, बल्कि इसे किसी जरूरतमंद की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण अथवा समाज के लिए किए जाने वाले किसी सकारात्मक योगदान के संकल्प से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील मन और सहयोग की भावना की आवश्यकता होती है।

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सेवा और समर्पण के 25 वर्ष, जनभागीदारी का नया संकल्प

          ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलें आयोजित की जाएंगी।

          अभियान का उद्देश्य सेवा और समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा नागरिकों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाना है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक भावना की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।

घर-घर का दीप बनेगा सेवा और सकारात्मकता का संदेश

          मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक दीपक का प्रकाश भले ही छोटा हो, लेकिन जब लाखों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं तो वह सामूहिक ऊर्जा और एकता का बड़ा संदेश बन जाता है। इसी भावना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

          उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे जब गांवों, कस्बों और शहरों में घर-घर दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि सेवा के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का सामूहिक अवसर होगा। यह दीप हमें प्रेरणा देगा कि हम अपने आसपास किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी ओर से कुछ योगदान करें।

सेवा को जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान

          पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में सेवा को सदैव जीवन-मूल्य के रूप में देखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से, युवा अपने नवाचार से, महिला अपने अनुभव और सामुदायिक सहभागिता से, किसान जल एवं पर्यावरण संरक्षण से और कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज के लिए योगदान दे सकता है।

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          उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से हम अपने पूर्वजों, बुजुर्गों और समाज से मिले संस्कारों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सेवा और संवेदनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी ले सकते हैं।

विभिन्न गतिविधियों से जुड़ेगा समाज का हर वर्ग

          ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चों और विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्र और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से संगीत, नाटक और स्थानीय कला के जरिए सेवा एवं सामाजिक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जाएगा।

          ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने, ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को सामने लाने तथा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ और ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

          इसी प्रकार ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी पहलें समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता के साथ अभियान से जोड़ेंगी।

हर परिवार बने सेवा संकल्प का सहभागी

          मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग का अभियान नहीं है। इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और अपने परिवार के साथ सेवा का एक संकल्प भी लें।

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          उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी जरूरतमंद की सहायता करने, किसी बुजुर्ग का सम्मान करने, किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करने, पौधा लगाने, जल बचाने, स्वच्छता अपनाने या समाज के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य सकारात्मक कार्य करने का हो सकता है।

आइए, एक दीप जलाएं, एक सेवा करें

          पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रज्ज्वलित होने वाला प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, आभार, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक बने। जब छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार एक साथ इस पहल में सहभागी होंगे, तब यह जनभागीदारी की एक सुंदर मिसाल बनेगी।

          उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं और 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान की विभिन्न गतिविधियों में अपनी सुविधानुसार सहभागी बनें। एक दीप से निकला प्रकाश किसी दूसरे के जीवन में आशा जगा सकता है। एक छोटा-सा सेवा कार्य किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं, सेवा का संकल्प लें और मिलकर संवेदनशील, समर्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

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