उत्तर प्रदेशराज्‍य

सीएम योगी के विजन से यूपी बनेगा देश की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति और समावेशी विकास का मॉडल

By Admin|15 May 2026, 8:00 PM
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लखनऊ

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए दूरदर्शी मॉडल तैयार किया है। “अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति” पर आधारित यह मॉडल प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास, नवाचार, आधारभूत संरचना और सुशासन को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक क्षमता के आधार पर देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश न केवल देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने, बल्कि समावेशी विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत करे, जिसमें गांव, किसान, युवा, महिलाओं और उद्योग, सबकी समान भागीदारी हो।

प्रदेश की जीएसडीपी वर्ष 2024-25 में हुई 30.25 लाख करोड़

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग 356 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है, जो भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) लगातार तेज गति से बढ़ रहा है। वर्ष 2020-21 में यह 16.83 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रदेश की वार्षिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी विशाल जनसंख्या और मानव संसाधन है। प्रदेश में लगभग 24 करोड़ की आबादी है, जो भारत की कुल आबादी का करीब 17 प्रतिशत है। इसमें 15 से 59 वर्ष की कार्यशील आबादी का हिस्सा 62.80 प्रतिशत है। यही युवा शक्ति भविष्य में प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा इंजन बनेगी।

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योगी सरकार ने “अर्थ शक्ति” को समावेशी विकास का मुख्य आधार बनाया है। इसके तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों, विनिर्माण, एमएसएमई तथा सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक का उपयोग और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पहले से ही खाद्यान्न, गन्ना और दूध उत्पादन में देश में अग्रणी है। अब योगी सरकार कृषि को आधुनिक तकनीक और एग्री-बिजनेस से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से बढ़ता यूपी

एमएसएमई क्षेत्र को प्रदेश की औद्योगिक रीढ़ माना गया है। “उद्योग की उड़ान” के तहत छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्त, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई गई है। योगी सरकार ने ओडीओपी योजना, निवेश मित्र पोर्टल और औद्योगिक नीति के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया है। “डिजिटल प्रदेश” की अवधारणा के जरिए सेवाओं को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और आईटी सेक्टर के विस्तार से प्रदेश डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही “आस्था को सम्मान” के तहत धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास से जोड़ा गया है। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्र अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभर रहे हैं।

सृजन शक्ति भविष्य के विकास की नींव

“सृजन शक्ति” को भविष्य के विकास की नींव माना गया है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण विकास, जीवन गुणवत्ता और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश को निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बना रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट यूपी को देश के सबसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों में शामिल कर रहे हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी और कुशीनगर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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जीवन शक्ति में सामाजिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर फोकस

“जीवन शक्ति” के तहत सामाजिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दी गई है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण तक पहुंच प्राप्त करे। “ज्ञान दीप व युवा शक्ति” के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जा रहा है, जबकि “सुरक्षा एवं सुशासन” के जरिए कानून व्यवस्था को मजबूत कर निवेश और विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि विकसित उत्तर प्रदेश का सपना केवल सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। योगी सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय प्रणाली को प्रशासनिक संस्कृति का हिस्सा बनाया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है और देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं।

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